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Bahraich News: मिल में होते प्रशिक्षित फायर फाइटर तो बच सकती थी लोगों की जान

Sun, 27 Apr 2025 02:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sun, 27 Apr 2025 02:58 AM IST
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Smoke coming out after the accident in the mill located at Dargah in Bahraich
बहराइच। दरगाह शरीफ क्षेत्र के आबादी वाले क्षेत्र में स्थित रामगढ़िया राइस मिल में आग लग गई थी। जिसे वहां के मजदूरों ने पहले बुझाने का प्रयास किया। लेकिन जानकारी के अभाव में धधक रहे ड्रायर पर पानी डालकर आग को काबू पाने की कोशिश की। इससे उठे धुंए और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण पांच मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। तीन मजदूरों को घायल अवस्था में फायर कर्मियों ने टाॅवर से नीचे उतारा। यदि दुर्घटना के समय प्रशिक्षित फायर फाइटर होते तो इन मजदूरों की जान बच सकती थी।
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राइस मिल का ड्रायर आग का गोला माना जाता है। ड्रायर में धमाके आदि की अक्सर घटनाएं सामने आती हैं। लेकिन ज्यादातर दुर्घटनाएं आग बुझाने के तरीके की जानकारी न होने के कारण घटती हैं। ऐसा ही कुछ शुक्रवार को राजगढि़या राइस मिल में भी हुआ।
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सुबह करीब छह बजे मजदूरों ने ड्रायर में धुंआ देखा था। उन्होंने समझा ड्रायर या फिर धान में आग लग चुकी है। इसी के बाद इस आग को बुझाने के लिए मजदूरों ने धान पर पानी डाल दिया था ताकि आग को बुझाया जा सके। इस पानी से आग तो बुझ गई, लेकिन ड्रायर से निकलने वाली गर्म हवाओं ने पानी को वाष्पित कर दिया था। इससे पूरे चैंबर में ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। वहीं पानी पड़ने के कारण धान से निकली धुंआ और गहरा गया।
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घटना के करीब तीन घंटे बाद तक धुंआ मिल की चिमनी से बाहर निकलता दिखाई दिया। इसके अलावा यह भी बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर चैंबर में भी आग की स्थिति देखने उतरे थे। वही इस आपदा से ज्यादा प्रभावित हुए। यदि मिल में आग से निपटने के लिए प्रशिक्षित फायर फाइटर होते तो मजदूरों की जान बच सकती थी।



आपदा प्रबंधन रहा फेल
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि वह मिल व अन्य उद्योगों में लगे मजदूरों को समय-समय पर आपदा से निपटने का प्रशिक्षण दे, लेकिन विगत दो वर्षों से इस मिल में विभाग की ओर से कोई भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया।
एक-दो मजदूरों के बेहोश होने के बाद फायर को दी सूचना
जब फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची तो वहां दो मजदूर बेहोश पड़े थे। मिल के मजदूर आग तो बुझा चुके थे, लेकिन चारों ओर धुआं फैला था। दुर्घटना के दो कारण निकल कर आ रहे हैं। इसमें एक तो ड्रायर के सामने धान फंस जाना, जिससे आग लगी। दूसरा वेल्डिंग के कारण धान में आग लगना। हालांकि अभी असल वजह स्पष्ट नहीं है। लेकिन यह माना जा रहा है कि जानकारी के अभाव में मजदूर नीचे गए और उनका दम घुट गया होगा। वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
-पुलकित चौधरी अग्निशमन अधिकारी



टीम कर रही जांच
मिल में मजदूरों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए डीएम ने चार सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। यह टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।

-गोंड रामानुज विशाल मुख्य अग्निशमन अधिकारी

मिल मृतकों को देगा दस-दस लाख का मुआवजा
शुक्रवार को मिल के निदेशक विनोद अग्रवाल की ओर से जारी पत्र में हादसे के पीड़ितों को मुआवजे की घोषणा की गई है। इसमें श्रम विभाग के माध्यम से मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख व घायलों को पचास-पचास हजार रुपये देने की बात कही गई है। वहीं श्रम प्रतिकर आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मिल मालिक से प्राप्त धनराशि में से मृतक रजनेश कुमार के परिजन को 14,13,730 रुपये, गफ्फार के परिजनों को 15,04,425 रुपये, बिट्टू शाह के परिजन को 11,48,288 रुपये, बबलू प्रजापति के आश्रितों को 11,69,232 रुपये तथा अहरुल हुदा के परिजनों को 9,69,962 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए दावा मांगा गया है।
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