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फर्श पर पड़ी तड़पती रही गर्भवती, नहीं मिला इलाज

Sun, 14 Jun 2020 10:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2020 10:09 PM IST
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Pregnant did not get treatment
तेजवापुर (बहराइच)। गंगापुरवा गांव निवासी एक गर्भवती को बीती देर शाम को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिवारीजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमपुरवा ले गए। वहां पर गर्भवती फर्श पर तड़पती रही। लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। काफी देर बाद भी इलाज न मिलने पर परिवारीजन उसे महसी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां पर महिला को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की शिथिलता की शिकायत परिवारीजनों ने सीएमओ से की है।
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महसी तहसील अंतर्गत ग्राम गंगापुरवा निवासी गीता देवी (30) पत्नी दिनेश कुमार गर्भवती है। शनिवार रात आठ बजे के आसपास गीता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिवारीजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमपुरवा पहुंचे। वहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई नहीं मिला। गर्भवती फर्श पर पड़ी तड़पती रही। सीएचसी में मौजूद स्टाफ नर्स अलग भी बैठी रहीं। फार्मासिस्ट सुधीर मौर्या खाना बना रहे थे। ऐसे में गीता दर्द से फर्श पर कराहती रही।
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लेकिन कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। कुछ समाचार पत्र के संवाददाता जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे तो स्टाफ नर्स बाहर आईं और महिला के बारे में जानकारी ली। लेकिन किसी ने उसे बेड नहीं दिया और न ही इलाज शुरू हो सका। इस पर परिवारीजन रमपुरवा सीएचसी से लेकर घर चले गए। देर रात पुन: प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिवारीजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महसी ले गए।
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पूर्व ग्राम प्रधान राम लल्लन बाजपेई ने बताया कि परिवारीजन महिला को लेकर महसी गए। वहीं पर प्रसव की तैयारी चल रही है। गीता के पति दिनेश कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमपुरवा में शिथिलता और इलाज न किए जाने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है। इस बारे में सीएचसी रमपुरवा के प्रभारी डॉ. अभिषेक अग्निहोत्री से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गीता के बारे में उनको जानकारी नहीं है। अगर रात में कोई मरीज आया है तो उसके इलाज के बारे में कर्मचारी ही बता सकते हैं।
अस्पताल में इलाज न मिलना गलत : सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि गर्भवती को इलाज न मिलना गलत है। चिकित्सकों को मानवीय संवेदना के आधार पर इलाज करना चाहिए था। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उधर, अधीक्षक डॉ. एके अग्निहोत्री से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इलाज के बारे में कुछ नहीं मालूम है न ही गीता नाम की किसी महिला के भर्ती होने की जानकारी है।

रजिस्टर में दर्ज किया रीता
रमुपरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची गर्भवती का नाम स्वास्थ्य कर्मियों ने रीता देवी पत्नी विजय कुमार दर्ज किया। लेकिन इलाज नहीं शुरू किया। जबकि महिला का नाम गीता देवी पत्नी विजय कुमार है। ऐसे में रजिस्टर में भी नाम अंकन को लेकर खेल की संभावना है।
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