फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Politicians boycott by villagers

घुमनाभारू गांव में लगाया बैनर ‘नेताओं का प्रवेश वर्जित है’

Tue, 17 Jan 2017 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 17 Jan 2017 10:06 PM IST
विज्ञापन
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से आहत नेपाल सीमा पर स्थित भारतीय क्षेत्र के घुमनाभारू गांव के ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया है। जगह-जगह जनप्रतिनिधियों का प्रवेश वर्जित लिखे बैनर लटका दिए हैं। ग्रामीणों को मनाने के लिए एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट गांव पहुंचे तो उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन


इस गांव में न तो रास्ता है, न ही चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और परिवहन की सुविधा। गांव पूरी तरह अलग-थलग है। जैसे-तैसे लोग गुजर-बसर करते हैं। ऐसे में समस्याओं का समाधान होने तक सभी ने चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन


मिहींपुरवा ब्लॉक का घुमनाभारू गांव नेपाल सीमा पर भारतीय क्षेत्र में स्थित है। ये गांव तीन तरफ से नेपाल की सीमा से घिरा है। जबकि चौथी ओर कतर्नियाघाट सेंक्चुरी का घना जंगल है। इस जंगल के बीच से होकर ही ग्रामीणों का रास्ता है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से आवागमन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव की आबादी 2200 है मगर यहां न तो बिजली पहुंच सकी और न ही स्वास्थ्य सेवाएं। उच्च शिक्षा व परिवहन सेवाएं भी नहीं हैं। गांव में लगे 20 हैंडपंप खराब पड़े हैं। ऐसे में गांव के लोग दुर्दिन में हैं। हर बार चुनाव में गांव के लोगों से वोट मांगने आने वाले नेताओं के आगे गुहार लगाई। मान मनौवल की।

सभी ने वायदे किये मगर चुनाव जीतने के बाद किनारा कस लिया। इसके चलते 17वीं विधानसभा चुनाव में सभी ने जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाने की ठानी है। चुनाव की घोषणा होते ही ग्रामीणों ने भी चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया।

गांव निवासी बालदेव प्रसाद, बेचन, महावीर, सरवन, रामबिलास, रवींद्र, अदालत प्रसाद आदि की अगुवाई में ग्रामीणों ने गांव के रास्तों पर जगह-जगह बैनर लटका दिए हैं। जिसमें गांव की समस्याओं का उल्लेख है। साथ ही जनप्रतिनिधियों का प्रवेश वर्जित लिखा है।


चुनाव बहिष्कार की सूचना पाकर एसएसबी के सहायक सेनानायक हरीश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर जीडी जडेजा, सब इंस्पेक्टर इंद्रपाल, अमित कुमार आदि के साथ मंगलवार सुबह गांव पहुंचे। ग्रामीणों के साथ पंचायत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। मगर ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक समस्याएं नहीं दूर होंगी, चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed