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Bahraich News: एक मैत्री बस को अनुमति, चल रहीं 15
Sun, 20 Aug 2023 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 20 Aug 2023 11:16 PM IST
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बहराइच। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा डग्गामार वाहन माफिया का अड्डा बनता जा रहा है। भारत-नेपाल मैत्री सेवा के नाम पर एक बस के संचालन की अनुमति की आंड़ में 15 बसों को संचालन किया जा रहा है। अवैध बसों के संचालन से नवनिर्मित रूपईडीहा बस अड्डे पर लंबी दूरी की बसें यात्रियों के अभाव में रोक दी जाती है। ऐसे निगम को प्रतिदिन दो से ढाई लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एआरटीओ महकमे ने अभियान चलाकर कई बसों पर कार्रवाई की थी। एक बार फिर डग्गामार वाहन सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय होकर वाहनों का संचालन कर रहे हैं। जिले के महसी, जरवलरोड, केडीसी तिराहे से भी डग्गामार वाहनों का संचालन किया जा रहा है। वाहन संचालक अधिक पैसा कमाने के चक्कर में यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर ही रहे हैं, साथ में उनकी जेबोंं पर डाके भी डाल रहे हैं।
रूपईडीहा बस अड्डे से 27 बसों का संचालन किया जा रहा है। रूपईडीहा बस अड्डे से दिल्ली, हरिद्वार, जयपुर, पंजाब आदि प्रांत के साथ लखनऊ, वाराणसी, कानपुर आदि जनपदों के लिए बसें संचालित हैं। जबकि जिला मुख्यालय से दिल्ली, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, सीतापुर, बरेली आदि स्थानों के लिए 100 बसों का संचालन किया जा रहा है। रूपईडीहा कस्बे में अवैध तरीके से चल रही तीन दर्जन से अधिक बसों के संचालन से रूपईडीहा का नवनिर्मित रोडवेज बस अड्डा घाटे पर जा रहा है।
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नेपाल देश से हरिद्वार, दिल्ली, पंजाब, जयपुर के लिए प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री निकलते हैं। लेकिन इन यात्रियों को डग्गामार वाहन माफिया नेपाल में टिकट बनाकर उनसे अधिक धनराशि की वसूली कर लेते हैं। ऐसे में इन यात्रियों के सामने डग्गामार वाहन एक मात्र सहारा बना रहता है। हालात यह है कि डग्गामार वाहनों के संचालन से रूपईडीहा रोडवेज से चलने वाली हरिद्वार, दिल्ली, जयपुर की बसें खाली रहती हैं। ऐसे में यहां के रोडवेज प्रशासन को यात्रियों के अभाव में बसों का ठहराव करना पड़ जाता है। रूपईडीहा रोडवेज प्रशासन की माने, तो डग्गामार वाहनों के संचालन से यहां प्रतिदिन दो से ढाई लाख का नुकसान हो रहा है।
अवैध डग्गामार बसों से हो चुके कई हादसेनानपारा-लखीमपुर मार्ग पर ढाई वर्ष पूर्व डबल डेकर बस के पलटने से दो यात्रियों की मौत हो गई थी। 14 यात्री घायल हुए थे। इसी तरह पयागपुर में भी करीब दो वर्ष पूर्व हुए हादसे में दस लोग घायल हुए थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जिले की टूरिस्ट बस हादसे में कैसरगंज क्षेत्र के 13 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी। गंभीर बात तो यह है कि जिस बस से हादसा हुआ था, उस बस का 27 बार चालान किया जा चुका था। बस का फिटनेस नहीं था।
यहां से चल रही अवैध टूरिस्ट बसें
सीमावर्ती रूपईडीहा कस्बा स्थित एक इंटर कालेज, इंडियन ऑयल पेट्रेाल पंप, चकियारोड से अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा जिले का थाना पयागपुर, जरवलरोड, महसी, शहर के कडीसी तिराहा, मिहींपुरवा, इकौना आदि स्थानों से भी खुलेआम अवैध बसों का संचालन हो रहा है।
ढाई लाख का हो रहा नुकसान
रूपईडीहा कस्बे से अवैध तरीके संचालित भारत-नेपाल मैत्री सेवा के नाम पर व अन्य टूरिस्ट बसों से निगम को प्रतिदिन दो से ढाई लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरटीओ गोंडा, एआरटीओ बहराइच, एआरएम बहराइच व आरएम देवीपाटन मंडल को पत्र भेजकर बसों के संचालन पर अंकुश लगाने की मांग की जा चुकी है। अब एक बार फिर शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो कस्बे से रोडवेज बस सेवा स्वत: बंद हो जाएगी।
देवेंद्र तिवारी, प्रभारी एआरएम रूपईडीहा रोडवेज
चार वाहन हो चुके सीज
सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा व उसके आसपास के इलाकों में निरंतर अभियाल चलाया जाता है। अभियान के तहत अभी हाल ही में चार वाहनों को सीज कर एक दर्जन से अधिक वाहनों का चालान किया जा चुका है। पुन: अभियान चलाकर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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एआरटीओ महकमे ने अभियान चलाकर कई बसों पर कार्रवाई की थी। एक बार फिर डग्गामार वाहन सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय होकर वाहनों का संचालन कर रहे हैं। जिले के महसी, जरवलरोड, केडीसी तिराहे से भी डग्गामार वाहनों का संचालन किया जा रहा है। वाहन संचालक अधिक पैसा कमाने के चक्कर में यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर ही रहे हैं, साथ में उनकी जेबोंं पर डाके भी डाल रहे हैं।
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रूपईडीहा बस अड्डे से 27 बसों का संचालन किया जा रहा है। रूपईडीहा बस अड्डे से दिल्ली, हरिद्वार, जयपुर, पंजाब आदि प्रांत के साथ लखनऊ, वाराणसी, कानपुर आदि जनपदों के लिए बसें संचालित हैं। जबकि जिला मुख्यालय से दिल्ली, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, सीतापुर, बरेली आदि स्थानों के लिए 100 बसों का संचालन किया जा रहा है। रूपईडीहा कस्बे में अवैध तरीके से चल रही तीन दर्जन से अधिक बसों के संचालन से रूपईडीहा का नवनिर्मित रोडवेज बस अड्डा घाटे पर जा रहा है।
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नेपाल देश से हरिद्वार, दिल्ली, पंजाब, जयपुर के लिए प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री निकलते हैं। लेकिन इन यात्रियों को डग्गामार वाहन माफिया नेपाल में टिकट बनाकर उनसे अधिक धनराशि की वसूली कर लेते हैं। ऐसे में इन यात्रियों के सामने डग्गामार वाहन एक मात्र सहारा बना रहता है। हालात यह है कि डग्गामार वाहनों के संचालन से रूपईडीहा रोडवेज से चलने वाली हरिद्वार, दिल्ली, जयपुर की बसें खाली रहती हैं। ऐसे में यहां के रोडवेज प्रशासन को यात्रियों के अभाव में बसों का ठहराव करना पड़ जाता है। रूपईडीहा रोडवेज प्रशासन की माने, तो डग्गामार वाहनों के संचालन से यहां प्रतिदिन दो से ढाई लाख का नुकसान हो रहा है।
अवैध डग्गामार बसों से हो चुके कई हादसेनानपारा-लखीमपुर मार्ग पर ढाई वर्ष पूर्व डबल डेकर बस के पलटने से दो यात्रियों की मौत हो गई थी। 14 यात्री घायल हुए थे। इसी तरह पयागपुर में भी करीब दो वर्ष पूर्व हुए हादसे में दस लोग घायल हुए थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जिले की टूरिस्ट बस हादसे में कैसरगंज क्षेत्र के 13 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी। गंभीर बात तो यह है कि जिस बस से हादसा हुआ था, उस बस का 27 बार चालान किया जा चुका था। बस का फिटनेस नहीं था।
यहां से चल रही अवैध टूरिस्ट बसें
सीमावर्ती रूपईडीहा कस्बा स्थित एक इंटर कालेज, इंडियन ऑयल पेट्रेाल पंप, चकियारोड से अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा जिले का थाना पयागपुर, जरवलरोड, महसी, शहर के कडीसी तिराहा, मिहींपुरवा, इकौना आदि स्थानों से भी खुलेआम अवैध बसों का संचालन हो रहा है।
ढाई लाख का हो रहा नुकसान
रूपईडीहा कस्बे से अवैध तरीके संचालित भारत-नेपाल मैत्री सेवा के नाम पर व अन्य टूरिस्ट बसों से निगम को प्रतिदिन दो से ढाई लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरटीओ गोंडा, एआरटीओ बहराइच, एआरएम बहराइच व आरएम देवीपाटन मंडल को पत्र भेजकर बसों के संचालन पर अंकुश लगाने की मांग की जा चुकी है। अब एक बार फिर शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। अगर यही हाल रहा तो कस्बे से रोडवेज बस सेवा स्वत: बंद हो जाएगी।
देवेंद्र तिवारी, प्रभारी एआरएम रूपईडीहा रोडवेज
चार वाहन हो चुके सीज
सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा व उसके आसपास के इलाकों में निरंतर अभियाल चलाया जाता है। अभियान के तहत अभी हाल ही में चार वाहनों को सीज कर एक दर्जन से अधिक वाहनों का चालान किया जा चुका है। पुन: अभियान चलाकर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
ओपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन