फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Now, you can rear silkworms from the comfort of your home and receive a subsidy.

Bahraich News: अब घर बैठे कर सकेंगे रेशम कीट पालन, मिलेगा अनुदान

Mon, 29 Jun 2026 12:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:16 AM IST
विज्ञापन
Now, you can rear silkworms from the comfort of your home and receive a subsidy.
बहराइच। रेशम उत्पादन से जुड़कर स्वरोजगार की राह तलाश रहे युवाओं और ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर है। अब रेशम कीट पालन और कोया उत्पादन के लिए अपनी जमीन होना जरूरी नहीं होगा। नई व्यवस्था के तहत बिना भूमि वाले लोग भी अपने घर पर रेशम कीट पालन कर सकेंगे। इसके लिए रेशम विभाग जिले के सरकारी रेशम फार्मों से शहतूत की पत्तियां उपलब्ध कराएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
विज्ञापन



जिले में कल्पीपारा, नगरौर, कमोलिया, गजपतिपुर, रेहुआ मंसूर, महादेव, गोपिया और बगहा समेत आठ राजकीय रेशम फार्म संचालित हैं। इन फार्मों के आसपास रहने वाले भूमिहीन कीट पालकों को शहतूत की पत्तियां उपलब्ध कराकर उनके घरों पर ही रेशम कीट पालन कराया जाएगा। विभाग की ओर से रेशम कीट पालन गृह के निर्माण पर लागत का 75 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाएगा। वर्तमान में जिले में 136.63 एकड़ क्षेत्रफल में रेशम उत्पादन किया जा रहा है।
विज्ञापन


रेशम विभाग की ओर से सॉइल टू सिल्क कार्यक्रम के तहत कीट पालकों को कोया उत्पादन से लेकर धागाकरण और रेशम वस्त्र निर्माण तक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केंद्रीय रेशम बोर्ड और निदेशालय के सहयोग से आए मास्टर ट्रेनर रमाशंकर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित 10 कीट पालकों को पिट लूम, इलेक्ट्रॉनिक जैकार्ड, वार्पिंग मशीन और माइक्रो डाइंग टब 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सहायक निदेशक रेशम मिथलेश कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के तहत जिले को एक एकड़ श्रेणी के 50 और आधा एकड़ श्रेणी के 100 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। लाभार्थियों को शहतूत पौधरोपण, रेशम कीट पालन उपकरण, सिंचाई सुविधा, प्रशिक्षण तथा पालन गृह निर्माण पर 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed