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Bahraich News: ओवरलोडिंग कम करने के लिए स्थापित होंगे नौ विद्युत उपकेंद्र
Fri, 24 Feb 2023 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 24 Feb 2023 11:08 PM IST
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बहराइच। बिजली आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाने व ओवरलोडिंग की दिक्कतों को दूर करने के लिए शहरी क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न विकास खंडों में नौ नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना की जाएगी। शासन की ओर से उपकेंद्र स्थापना की इस कार्ययोजना को हरी झंडी भी मिल गई है। 33 केवीए के इन उपकेंद्रों के लिए तीन स्थानों पर जमीन चिन्हित कर ली गई है और छह उपकेंद्रों के लिए जमीन तलाशी जा रही है। इस कार्ययोजना के तहत एक उपकेंद्र पर करीब नौ करोड़ का खर्च आएगा। जिले में गर्मी ने अपनी आमद दर्ज करानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या गहराने लगी है। आम तौर पर सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में होती है। भीषण गर्मी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन ओवरलोडिंग की समस्या से ट्रांसफॉर्मर जलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
बिजली विभाग की ओर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए नौ नए उपकेंद्र स्थापित करने का खाका तैयार किया गया। ये उपकेंद्र वहां स्थापित किए जाएंगे जहां सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग की समस्या रहती है। विकास खंडों व शहरी इलाकों को चिन्हित कर नौ नए उपकेंद्र का यह प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की ओर से नए उपकेंद्र के लिए हरी झंडी मिलने के बाद विभागीय अधिकारी उपकेंद्र स्थापित कराने को लेकर तीन स्थानों पर जमीन भी तलाश ली है।
शेष बचे छह स्थानों पर तैयार किए जाने वाले उपकेंद्रों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही उपकेंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब नौ करोड़ का खर्च आयेगा। उपकेंद्र की स्थापना होने के बाद जिलेवासियों को बिजली की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
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शहर के गोलवाघाट, सलारपुर, ब्लाक चित्तौरा स्थित डीहा, बलहा स्थित रामपुर धेबियाहार, मिहीपुरवा स्थित उर्रा, महसी स्थित रेहुआमंसूर, जरवल स्थित देवीदास पुर, विशेश्वरगंज स्थित गंगवल और फखरपुर स्थित वजीरगंज में नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें से सलारपुर, डीहा व गोलवाघाट में जमीन की तलाश का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे स्थानों पर स्थापित होने वाले उपकेंद्रों के लिए जमीन की तलाश का कार्य चल रहा है। 33 केवीए के विद्युत उपकेंद्र करीब तीन हजार से अधिक वर्गमीटर में स्थापित होंगे। पावरहाउस में 5-5 एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर को लगाकर आस-पास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति की जाएगी। एक उपकेंद्र की स्थापना में करीब नौ करोड़ के खर्च आयेगा।
जिले में ओवरलोडिंग कम करने के लिए जिन क्षेत्रों में विद्युत का अधिक भार है, वहां नौ नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापित कराए जाएंगे। तीन उपकेंद्र की स्थापना के लिए जमीन प्राप्त हो गई है। जबकि छह स्थानों पर जमीन की तलाश की जा रही है।
-सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
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बिजली विभाग की ओर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए नौ नए उपकेंद्र स्थापित करने का खाका तैयार किया गया। ये उपकेंद्र वहां स्थापित किए जाएंगे जहां सबसे ज्यादा ओवरलोडिंग की समस्या रहती है। विकास खंडों व शहरी इलाकों को चिन्हित कर नौ नए उपकेंद्र का यह प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की ओर से नए उपकेंद्र के लिए हरी झंडी मिलने के बाद विभागीय अधिकारी उपकेंद्र स्थापित कराने को लेकर तीन स्थानों पर जमीन भी तलाश ली है।
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शेष बचे छह स्थानों पर तैयार किए जाने वाले उपकेंद्रों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही उपकेंद्रों के निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। एक उपकेंद्र के निर्माण में करीब नौ करोड़ का खर्च आयेगा। उपकेंद्र की स्थापना होने के बाद जिलेवासियों को बिजली की समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
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शहर के गोलवाघाट, सलारपुर, ब्लाक चित्तौरा स्थित डीहा, बलहा स्थित रामपुर धेबियाहार, मिहीपुरवा स्थित उर्रा, महसी स्थित रेहुआमंसूर, जरवल स्थित देवीदास पुर, विशेश्वरगंज स्थित गंगवल और फखरपुर स्थित वजीरगंज में नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें से सलारपुर, डीहा व गोलवाघाट में जमीन की तलाश का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष बचे स्थानों पर स्थापित होने वाले उपकेंद्रों के लिए जमीन की तलाश का कार्य चल रहा है। 33 केवीए के विद्युत उपकेंद्र करीब तीन हजार से अधिक वर्गमीटर में स्थापित होंगे। पावरहाउस में 5-5 एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर को लगाकर आस-पास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति की जाएगी। एक उपकेंद्र की स्थापना में करीब नौ करोड़ के खर्च आयेगा।
जिले में ओवरलोडिंग कम करने के लिए जिन क्षेत्रों में विद्युत का अधिक भार है, वहां नौ नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापित कराए जाएंगे। तीन उपकेंद्र की स्थापना के लिए जमीन प्राप्त हो गई है। जबकि छह स्थानों पर जमीन की तलाश की जा रही है।
-सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता