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नेपाली हाथियों ने कतर्नियाघाट रेंज में मचाया उत्पात
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:09 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट रेंज में प्रवास कर रहे नेपाली हाथियों के झुंड ने रविवार रात कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय के पास उत्पात मचाते हुए खूब नुकसान पहुंचाया।
वन विभाग के बोर्ड गिरा दिया तो वहीं जंगल में साल और सागौन के कुछ पेड़ों को भी क्षतिग्रस्त किया। भवानीपुर गांव के निकट लगभग 10 बीघा गन्ने की फसल रौंद डाली। ग्रामीण और वनकर्मियों ने हांका लगाया लेकिन हाथियों का झुंड मौके से काफी देर बाद खिसका।
नेपाल के हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा रेंज परिक्षेत्र में प्रवास कर रहा है। रविवार रात हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय के काफी नजदीक पहुंच गया।
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हाथियों ने चिंघाड़ते हुए कार्यालय के साइन बोर्ड और संकेत सूचक बोर्डों को उत्पात मचाते हुए तोड़ डाला। पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया।
इस दौरान गश्त पर निकले वनकर्मियों ने हांका लगाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। हाथी नावघाट होते हुए भवानीपुर गांव के निकट पहुंच गए। यहां गन्ने की फसल रौंद दी।
दहशतजदा ग्रामीणों ने ढोल और पीपे पीटकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन हाथी करीब दो घंटे खेतों से हिले नहीं। इसकी सूचना रेंज कार्यालय को दी गई है।
गौरतलब हो कि हाथी के बच्चे की मौत के बाद से नेपाल से आए प्रवासी हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन हुआ है। वह जिस क्षेत्र से गुजर रहे हैं उत्पात मचा रहे हैं।
कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि हाथियों के उत्पात से नुकसान हुआ है लेकिन जन हानि नहीं है। आसपास के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। भवानीपुर, आंबा, बर्दिया, विशुनापुर के ग्रामीणों को भी सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वनकर्मियों को रात में सघन गश्त के निर्देश
वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि नेपाल के हाथियों के बदले व्यवहार को देखते हुए कर्मचारियों को रात्रि में सघन गश्त कर क्षेत्र में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिस गांव के पास हाथियों के मौजूद होने की सूचना मिल रही है, वहां भी गश्ती टीम पहुंचकर हाथियों का रुख मोड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल अभी तक हाथियों का मूवमेंट जंगल और खेत तक ही सीमित रहा है।
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वन विभाग के बोर्ड गिरा दिया तो वहीं जंगल में साल और सागौन के कुछ पेड़ों को भी क्षतिग्रस्त किया। भवानीपुर गांव के निकट लगभग 10 बीघा गन्ने की फसल रौंद डाली। ग्रामीण और वनकर्मियों ने हांका लगाया लेकिन हाथियों का झुंड मौके से काफी देर बाद खिसका।
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नेपाल के हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा रेंज परिक्षेत्र में प्रवास कर रहा है। रविवार रात हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय के काफी नजदीक पहुंच गया।
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हाथियों ने चिंघाड़ते हुए कार्यालय के साइन बोर्ड और संकेत सूचक बोर्डों को उत्पात मचाते हुए तोड़ डाला। पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया।
इस दौरान गश्त पर निकले वनकर्मियों ने हांका लगाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। हाथी नावघाट होते हुए भवानीपुर गांव के निकट पहुंच गए। यहां गन्ने की फसल रौंद दी।
दहशतजदा ग्रामीणों ने ढोल और पीपे पीटकर हाथियों को भगाने की कोशिश की लेकिन हाथी करीब दो घंटे खेतों से हिले नहीं। इसकी सूचना रेंज कार्यालय को दी गई है।
गौरतलब हो कि हाथी के बच्चे की मौत के बाद से नेपाल से आए प्रवासी हाथियों के व्यवहार में परिवर्तन हुआ है। वह जिस क्षेत्र से गुजर रहे हैं उत्पात मचा रहे हैं।
कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गयादीन ने बताया कि हाथियों के उत्पात से नुकसान हुआ है लेकिन जन हानि नहीं है। आसपास के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। भवानीपुर, आंबा, बर्दिया, विशुनापुर के ग्रामीणों को भी सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वनकर्मियों को रात में सघन गश्त के निर्देश
वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि नेपाल के हाथियों के बदले व्यवहार को देखते हुए कर्मचारियों को रात्रि में सघन गश्त कर क्षेत्र में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिस गांव के पास हाथियों के मौजूद होने की सूचना मिल रही है, वहां भी गश्ती टीम पहुंचकर हाथियों का रुख मोड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल अभी तक हाथियों का मूवमेंट जंगल और खेत तक ही सीमित रहा है।