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बारिश से तर हुई तराई, मौसम खुशनुमा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 25 Jun 2015 10:25 PM IST
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मानसून की पहली बारिश से तराई तरबतर हो गई है। बुधवार रात से शुरू हुई
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बारिश सुबह तक जारी रही, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली ही, मौसम भी
खुशनुमा हो गया। बारिश से किसानों की बांछें भी खिल उठी हैं। सभी धान की
नर्सरी की बोआई की जुगत में लग गए हैं।
लंबे इंतजार के बाद बुधवार देर रात मानसून ने तराई में दस्तक दे दी है। उमस और गर्मी से बेहाल लोगों के चेहरे बारिश देखते ही खिल उठे। रात दो बजे के आसपास गरज-चमक के साथ बादलों ने आसमान में डेरा जमाया।
ठंडी हवा बहने लगी और कुछ ही देर में फुहारें पड़ने लगीं। रात भर झमाझम बरसात हुई। गुरुवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो बारिश की फुहारों ने उनका स्वागत किया। कुछ छाता लगाकर निकले तो कुछ पहली बारिश का आनंद उठाते नजर आए। भीगते हुए ही अपने गंतव्य को पहुंचे।
करीब 10 बजे बरसात थमी तो मौसम खुशगवार दिखने लगा। वर्षा से एक ओर जहां आम जनमानस ने सुकून महसूस किया, वहीं प्यासी धरती को भी राहत मिली। हालांकि, बारिश के बाद शहर, कस्बों और गांवों में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। जलभराव और कीचड़ की समस्या से लोग बेहाल दिखे।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि रात से सुबह तक 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है, जिसके चलते तापमान 38 डिग्री से लुढ़क कर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
किसानों ने शुरू की नर्सरी को बोअाई
वर्षा ने किसानों की मुश्किलें काफी हद तक कम कर दी हैं। रात से सुबह तक हुई वर्षा के चलते खेत की सख्त मिट्टी जोताई के योग्य बन गई है। ऐसे में धान की नर्सरी के बोवाई की तैयारी किसानों ने शुरू कर दी है।
प्रगतिशील कृषक रामफेर पांडेय और हनुमान प्रसाद शर्मा का कहना है कि खेत की जोताई के साथ आगामी सप्ताह में धान की नर्सरी डाल दी जाएगी, जिससे रोपाई का कार्य समय से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्षा से खेतों में खड़ा गन्ना और मेंथा की फसल को काफी हद तक लाभ पहुंचा है। उपज में वृद्धि होगी।
29 से मानसून पकड़ेगा रफ्तार
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि उत्तर भारत में मानसून तेजी से फैल रहा है। 29 जून से मानसून रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
लंबे इंतजार के बाद बुधवार देर रात मानसून ने तराई में दस्तक दे दी है। उमस और गर्मी से बेहाल लोगों के चेहरे बारिश देखते ही खिल उठे। रात दो बजे के आसपास गरज-चमक के साथ बादलों ने आसमान में डेरा जमाया।
ठंडी हवा बहने लगी और कुछ ही देर में फुहारें पड़ने लगीं। रात भर झमाझम बरसात हुई। गुरुवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो बारिश की फुहारों ने उनका स्वागत किया। कुछ छाता लगाकर निकले तो कुछ पहली बारिश का आनंद उठाते नजर आए। भीगते हुए ही अपने गंतव्य को पहुंचे।
करीब 10 बजे बरसात थमी तो मौसम खुशगवार दिखने लगा। वर्षा से एक ओर जहां आम जनमानस ने सुकून महसूस किया, वहीं प्यासी धरती को भी राहत मिली। हालांकि, बारिश के बाद शहर, कस्बों और गांवों में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। जलभराव और कीचड़ की समस्या से लोग बेहाल दिखे।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि रात से सुबह तक 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है, जिसके चलते तापमान 38 डिग्री से लुढ़क कर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
किसानों ने शुरू की नर्सरी को बोअाई
वर्षा ने किसानों की मुश्किलें काफी हद तक कम कर दी हैं। रात से सुबह तक हुई वर्षा के चलते खेत की सख्त मिट्टी जोताई के योग्य बन गई है। ऐसे में धान की नर्सरी के बोवाई की तैयारी किसानों ने शुरू कर दी है।
प्रगतिशील कृषक रामफेर पांडेय और हनुमान प्रसाद शर्मा का कहना है कि खेत की जोताई के साथ आगामी सप्ताह में धान की नर्सरी डाल दी जाएगी, जिससे रोपाई का कार्य समय से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्षा से खेतों में खड़ा गन्ना और मेंथा की फसल को काफी हद तक लाभ पहुंचा है। उपज में वृद्धि होगी।
29 से मानसून पकड़ेगा रफ्तार
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि उत्तर भारत में मानसून तेजी से फैल रहा है। 29 जून से मानसून रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।