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महसी के छह गांव बाढ़ से जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो/ बहराइच
Updated Wed, 13 Jul 2016 10:59 PM IST
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महसी तहसील क्षेत्र में बुधवार को गांव में भारा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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तराई के लोग झमाझम वर्षा का इंतजार ही करते रहे गए। वहीं, नेपाल के पहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश के चलते घाघरा उफना गई है। इससे महसी के छह गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन गांवों की करीब 35 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
वहीं, कैसरगंज में भी तटवर्ती गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी लाल निशान से महज नौ सेंटीमीटर दूर रह गई है। दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है। उफनाई घाघरा में अलग-अलग तीन बैराजों से तीन लाख 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते घाघरा नदी उफान पर है। बुधवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.986 मीटर मापा गया। ये जलस्तर खतरे के निशान से महज नौ सेंटीमीटर नीचे है।
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केंद्रीय जल आयोग घाघरा घाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। उफनाई नदी से महसी तहसील के निचले इलाके में बसे कायमपुर, कोरिनपुरवा, गोलागंज टेपरी, जरमापुर, शुकुलन पुरवा व कायमपुर गांव में पानी घुस गया है।
जिससे ये गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। उधर, कैसरगंज के गोड़हिया व जरवल के सुंदरलाल पुरवा में भी बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। इन गांवों की लगभग 35 हजार आबादी प्रभावित हुई है। जरवल ब्लॉक के सुंदरलालपुरवा-पुरैनी मार्ग पर भी कभी भी बाढ़ का पानी उफना सकता है। जबकि बचाव के अभी तक कोई उपाय नहीं हुए हैं।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा के चलते नेपाली नदियां उफनाई हैं। जिसके चलते गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 27 हजार 626 क्यूसेक, बनबसा बैराज से एक लाख 25 हजार 320 क्यूसेक और शारदा बैराज से 62445 क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हो रहा है।
ऐसे में गुरुवार सुबह बाढ़ की स्थिति और भयावह होने के संकेत मिल रहे हैं। एसडीएम महसी एसपी शुक्ल ने तहसीलदार डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी के साथ बुधवार को बाढ़ प्रभावित महसी क्षेत्र का मुआयना किया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ के पानी से घिरे गांवों से लोगों को निकालने के लिए पांच नावें लगाई गई हैं।
चार लेखपालों की टीम गठित की गई है। गांलागंज के पास सभी को बाढ़ से निकालकर निर्धारित स्थान पर बसाने के निर्देश दिए गए हैं।
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वहीं, कैसरगंज में भी तटवर्ती गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी लाल निशान से महज नौ सेंटीमीटर दूर रह गई है। दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है। उफनाई घाघरा में अलग-अलग तीन बैराजों से तीन लाख 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है।
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नेपाल के पहाड़ों पर हो रही वर्षा के चलते घाघरा नदी उफान पर है। बुधवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 105.986 मीटर मापा गया। ये जलस्तर खतरे के निशान से महज नौ सेंटीमीटर नीचे है।
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केंद्रीय जल आयोग घाघरा घाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। उफनाई नदी से महसी तहसील के निचले इलाके में बसे कायमपुर, कोरिनपुरवा, गोलागंज टेपरी, जरमापुर, शुकुलन पुरवा व कायमपुर गांव में पानी घुस गया है।
जिससे ये गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। उधर, कैसरगंज के गोड़हिया व जरवल के सुंदरलाल पुरवा में भी बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। इन गांवों की लगभग 35 हजार आबादी प्रभावित हुई है। जरवल ब्लॉक के सुंदरलालपुरवा-पुरैनी मार्ग पर भी कभी भी बाढ़ का पानी उफना सकता है। जबकि बचाव के अभी तक कोई उपाय नहीं हुए हैं।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा के चलते नेपाली नदियां उफनाई हैं। जिसके चलते गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 27 हजार 626 क्यूसेक, बनबसा बैराज से एक लाख 25 हजार 320 क्यूसेक और शारदा बैराज से 62445 क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हो रहा है।
ऐसे में गुरुवार सुबह बाढ़ की स्थिति और भयावह होने के संकेत मिल रहे हैं। एसडीएम महसी एसपी शुक्ल ने तहसीलदार डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी के साथ बुधवार को बाढ़ प्रभावित महसी क्षेत्र का मुआयना किया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ के पानी से घिरे गांवों से लोगों को निकालने के लिए पांच नावें लगाई गई हैं।
चार लेखपालों की टीम गठित की गई है। गांलागंज के पास सभी को बाढ़ से निकालकर निर्धारित स्थान पर बसाने के निर्देश दिए गए हैं।