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23 साल के बाद आया फैसला, हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास

Fri, 17 Dec 2021 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 11:06 PM IST
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Life imprisonment for four accused after 23 years of murder
बहराइच। थाना कोतवाली भिनगा के मझौवा नौबस्ता गांव निवासी हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा सुनाई है। 23 साल के लंबे जद्दोजहेद के बाद फैसला आने पर पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है।
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एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि श्रावस्ती के कोतवाली भिनगा निवासी गुरुवचन का गांव के ही राधेश्याम के बीच रास्ते के विवाद को लेकर काफी समय से रंजिश चली आ रही थी। विवाद के चलते 19 अप्रैल 1998 को राधेश्याम के सहयोगी अभयराज शुक्ल, शिशुपाल शुक्ल, भानुप्रताप शुक्ल व रामनारायन शुक्ल ने वादी मुकदमा गुरुवचन, उनके पुत्र रामउजागर व भतीजे राजनारायन पर हमलावर होते हुए हंसिया, लाठी डंडों से मारना पीटना शुरू कर दिया।
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शोर होने पर आस-पास गांव के लोग एकत्रित होने लगे। इसी दौरान सभी हमलावर घटना स्थल से फरार हो गए। सभी घायलों को थाने ले जाते समय रास्ते में ही वादी मुकदमा के भतीजे राजनारायन की मौत हो गई।
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घायल अवस्था में वादी मुकदमा व उनके पुत्र ने थाने पर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। मामले में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर का शव को अपने कब्जे में लेते हुए सभी अभियुक्तों के खिलाफ 20 अप्रैल 1998 को नामजद मुकदमा दर्ज किया था।
एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि मामले में शुक्रवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसीएक्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय ने दोनों पक्षों के बहस सुनने के बाद सभी अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाते हुए अभियुक्तों को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश ने अभियुक्त गणों पर बीस-बीस हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की रकम जमा न करने पर सभी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। करीब 23 साल के लंबे जद्दोजहद के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायाधीश का फैसला सुनकर राहत की सांस ली है।
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