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तेंदुआ पकड़ने के लिए खेत में लगाया पिंजरा
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बहराइच। नानपारा रेंज के डल्लापुरवा गांव में जंगल से निकले तेंदुए ने बीते दिन तीन साल के मासूम को मार डाला था। तेंदुए की आमद गांव में होने से ग्रामीणों में दहशत है। इसको देखते हुए वन विभाग ने गांव में पिंजड़ा लगवाया है। साथ ही वनकर्मियों की ओर से निरंतर गश्त की जा रही है।
बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज अंतर्गत डल्लापुरवा गांव के छह बच्चे गांव में बुधवार की शाम खेल रहे थे। गांव निवासी पांच हमजोली बच्चे खेत के निकट बने लकड़ी के मचान पर बैठे थे। जबकि गांव निवासी विकल्प (3) पुत्र मोतीलाल मचान के नीचे बैठा था। इसी दौरान मक्के के खेत से तेंदुआ निकल आया और विकल्प को जबड़े में दबोच कर ले जाने लगा।
इसी दौरान खेत में मौजूद विकल्प की बहन ने शोर मचाया। अन्य लोगों ने शोर मचाते हुए तेंदुए को खदेड़ा। इस पर तेंदुआ 50 मीटर की दूरी पर विकल्प को छोड़कर चला गया। लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के खेत में पिंजड़ा लगाया गया है।
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पिंजड़े में शिकार के लिए बकरी बांधी गई है। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी राशिद जमाल के साथ दो टीम बनाई गई है। दोनों टीम निरंतर गश्त कर रही है। हालांकि घटना के बाद से तेंदुए की आमद क्षेत्र में नहीं दिख रही है।
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बहराइच वन प्रभाग के नानपारा रेंज अंतर्गत डल्लापुरवा गांव के छह बच्चे गांव में बुधवार की शाम खेल रहे थे। गांव निवासी पांच हमजोली बच्चे खेत के निकट बने लकड़ी के मचान पर बैठे थे। जबकि गांव निवासी विकल्प (3) पुत्र मोतीलाल मचान के नीचे बैठा था। इसी दौरान मक्के के खेत से तेंदुआ निकल आया और विकल्प को जबड़े में दबोच कर ले जाने लगा।
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इसी दौरान खेत में मौजूद विकल्प की बहन ने शोर मचाया। अन्य लोगों ने शोर मचाते हुए तेंदुए को खदेड़ा। इस पर तेंदुआ 50 मीटर की दूरी पर विकल्प को छोड़कर चला गया। लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के खेत में पिंजड़ा लगाया गया है।
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पिंजड़े में शिकार के लिए बकरी बांधी गई है। उन्होंने बताया कि वन क्षेत्राधिकारी राशिद जमाल के साथ दो टीम बनाई गई है। दोनों टीम निरंतर गश्त कर रही है। हालांकि घटना के बाद से तेंदुए की आमद क्षेत्र में नहीं दिख रही है।