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गंदगी में नन्हें मरीज, बेड पर चादर तक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 21 Aug 2015 09:31 PM IST
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बहराइच। सीएमएस के निरीक्षण में शुक्रवार को चिल्ड्रेन वार्ड में तमाम अव्यवस्थाएं मिली हैं। बेडों से चादरें गायब थीं तो वार्ड में गंदगी फैली थी।
सुबह के दस बज चुके थे लेकिन किसी भी बाल रोगी को दूध नहीं दिया गया था। इस पर सीएमएस ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नर्स व बाल रोग विशेषज्ञ से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही, नर्सों का कार्यस्थल भी बदल दिया है।
जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। व्यवस्था की नब्ज टटोलने के लिए मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ एम पांडेय ने सुबह 10 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
वार्ड में गंदगी फैली थी। कई बेडों पर बिना चादर के मरीज लेटे मिले। इस पर सीएमएस डॉ पांडेय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष अक्तूबर में मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान भी इसी तरह की स्थिति मिली थी। कई बार चेतावनी के बावजूद स्थिति सुधर नहीं रही है। इसके कारण अस्पताल की छवि धूमिल होती है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की यह हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारी अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं।
सीएमएस ने सिस्टर आशा सिंह और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ केके वर्मा को वार्ड की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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सुबह के दस बज चुके थे लेकिन किसी भी बाल रोगी को दूध नहीं दिया गया था। इस पर सीएमएस ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नर्स व बाल रोग विशेषज्ञ से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही, नर्सों का कार्यस्थल भी बदल दिया है।
जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। व्यवस्था की नब्ज टटोलने के लिए मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ एम पांडेय ने सुबह 10 बजे जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
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वार्ड में गंदगी फैली थी। कई बेडों पर बिना चादर के मरीज लेटे मिले। इस पर सीएमएस डॉ पांडेय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष अक्तूबर में मंडलायुक्त के निरीक्षण के दौरान भी इसी तरह की स्थिति मिली थी। कई बार चेतावनी के बावजूद स्थिति सुधर नहीं रही है। इसके कारण अस्पताल की छवि धूमिल होती है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की यह हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारी अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं।
सीएमएस ने सिस्टर आशा सिंह और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ केके वर्मा को वार्ड की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।