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भारत ने नेपाल को दीं 41 एंबुलेंस और छह बसें
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नेपाल में खड़ी भारत सरकार द्वारा दी गई एंबुलेंस।
- फोटो : BAHRAICH
रुपईडीहा (बहराइच)। केंद्र सरकार ने नेपाल सरकार को 41 एंबुलेंस और छह बसें दी हैं। गांधी जयंती पर 47 वाहन नेपाल को दिए गए हैं। इसकी जानकारी भारतीय दूतावास ने दी है। साथ ही दोनों देशों के संबंधाें को प्रमुखता देने की बात कही है। चीन के नेपाल में बढ़ते हस्तक्षेप के बीच एक सुखद खबर सामने आई है। भारत ने अच्छी पहल करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाए हैं।
भारत और नेपाल के बीच इस समय संबंध बेहतर नहीं दिख रहे हैं। चीन के बढ़ते हस्तक्षेप के बाद नेपाल और भारत के संबंध भी पहले जैसे होते नहीं नजर आ रहे थे। लगातार तल्खी बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद भारत सरकार नेपाल की हरसंभव मदद कर रही है। भारत सरकार की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर 41 एंबुलेंस नेपाल सरकार को दी गई हैं। इसके अलावा छह बसें भी नेपाल राष्ट्र को सौंपीं। इसका फायदा नेपाल के 30 जिलों में सरकारी व गैर सरकारी संगठनों को मिलेगा।
नेपाल की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और कोरोना महामारी के बीच भारत की ओर से उठाए गए कदम की सराहना की जा रही है। नेपाल में होने वाले हादसों और मरीजों को भेजने के लिए भारत सरकार ने एंबुलेंस की एक बड़ी खेप मुहैया कराई है। वहीं नेपाल के आंतरिक आवागमन को सुगम बनाने के लिए भी छह बसें भेजी गई हैं। काठमांडू में भारत के दूतावास की ओर से दिए गए वाहनों की जानकारी दी गई। साथ ही कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी ने कहा था कि मित्र तो बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। उस पर सरकार चल रही है। दूतावास ने बताया कि वर्ष 1994 से अब तक 823 एंबुलेंस भारत सरकार ने दी हैं। इससे दोनों देशों के संबंधों में मधुरता आएगी। साथ ही आपसी मनमुटाव भी दूर होगा।
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भारत और नेपाल के बीच इस समय संबंध बेहतर नहीं दिख रहे हैं। चीन के बढ़ते हस्तक्षेप के बाद नेपाल और भारत के संबंध भी पहले जैसे होते नहीं नजर आ रहे थे। लगातार तल्खी बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद भारत सरकार नेपाल की हरसंभव मदद कर रही है। भारत सरकार की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर 41 एंबुलेंस नेपाल सरकार को दी गई हैं। इसके अलावा छह बसें भी नेपाल राष्ट्र को सौंपीं। इसका फायदा नेपाल के 30 जिलों में सरकारी व गैर सरकारी संगठनों को मिलेगा।
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नेपाल की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और कोरोना महामारी के बीच भारत की ओर से उठाए गए कदम की सराहना की जा रही है। नेपाल में होने वाले हादसों और मरीजों को भेजने के लिए भारत सरकार ने एंबुलेंस की एक बड़ी खेप मुहैया कराई है। वहीं नेपाल के आंतरिक आवागमन को सुगम बनाने के लिए भी छह बसें भेजी गई हैं। काठमांडू में भारत के दूतावास की ओर से दिए गए वाहनों की जानकारी दी गई। साथ ही कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी ने कहा था कि मित्र तो बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। उस पर सरकार चल रही है। दूतावास ने बताया कि वर्ष 1994 से अब तक 823 एंबुलेंस भारत सरकार ने दी हैं। इससे दोनों देशों के संबंधों में मधुरता आएगी। साथ ही आपसी मनमुटाव भी दूर होगा।
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