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तराई में फिर झमाझम बारिश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jul 2016 09:42 PM IST
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जनजीवन अस्तव्यस्त
- फोटो : अमर उजाला
तराई में झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। गुरुवार रात से 42 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। गली-मोहल्लों के साथ स्कूलों व मकानों में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। उधर किसान खुश हैं।
तराई में गुरुवार रात से शुरू हुई वर्षा का क्रम शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जारी रहा। इसके बाद भी बौछारें पड़ीं। बारिश से शहर, गांव और कस्बों में जलभराव हो गया। सुबह बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। पयागपुर क्षेत्र में झाला गांव के प्राथमिक और जूनियर विद्यालय परिसर लबालब हो गए।
कलेक्ट्रेट में धरनास्थल पर लगा एक पेड़ वर्षा गिर गया। इससे आमरण अनशन पर बैठे कुछ लोग बाल-बाल बच गए। नानपारा, महसी, फखरपुर और कैसरगंज इलाके में भी वर्षा के चलते जगह-जगह जलभराव व पेड़ों के गिरने के हादसे हुए।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि रात से हो रही वर्षा के चलते 42 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड हुई है। आगामी दिनों में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं।
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तराई में गुरुवार रात से शुरू हुई वर्षा का क्रम शुक्रवार सुबह नौ बजे तक जारी रहा। इसके बाद भी बौछारें पड़ीं। बारिश से शहर, गांव और कस्बों में जलभराव हो गया। सुबह बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। पयागपुर क्षेत्र में झाला गांव के प्राथमिक और जूनियर विद्यालय परिसर लबालब हो गए।
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कलेक्ट्रेट में धरनास्थल पर लगा एक पेड़ वर्षा गिर गया। इससे आमरण अनशन पर बैठे कुछ लोग बाल-बाल बच गए। नानपारा, महसी, फखरपुर और कैसरगंज इलाके में भी वर्षा के चलते जगह-जगह जलभराव व पेड़ों के गिरने के हादसे हुए।
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फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि रात से हो रही वर्षा के चलते 42 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड हुई है। आगामी दिनों में भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं।