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गोलागंज नई बस्ती नदी के निशाने पर, काम अधूरा
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महसी के बेलहा-बेहरौली तटबंध पर स्थित नोज और स्पर का अधूरा पड़ा कार्य।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। महसी के तटबंध की सुरक्षा के लिए तीन स्पर के निर्माण शुरू कराए गए थे। लखीमपुर से लाई गई मजदूरों की गैंग काम बीच में छोड़ वापस हो गई है। स्पर के नोज अधूरे पड़े हुए हैं। वहीं स्पर पर बोल्डर पिचिंग का काम भी पूरी तरह से बंद हो गया है। ऐसे में गोलागंज नई बस्ती नदी के निशाने पर आ गई है। जिससे बाढ़ खंड के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। किसी तरह काम को पूरा कराए जाने की कवायद में अधिकारी जुटे हुए हैं।
शासन की ओर से बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए तीन स्पर के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई थी। करीब बीस करोड़ रुपये की परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद टेंडर निकालकर काम शुरू कराया गया। मगर काम अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि इसे 15 जून तक पूरा होना था। इसके बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के कारण काम अधर में ही लटका हुआ है।
सरयू नदी पर बन रहे स्पर की नोज की पिचिंग का काम अभी तक कराया ही नहीं गया है। ऐसे में बाढ़ आने पर नदी की कटान में नोज और स्पर समा सकता है। वहीं स्पर निर्माण में लखीमपुर के मजदूर लगाए गए थे। जो पैसा न मिलने के कारण काम अधूरा छोड़कर चले गए हैं। ऐसे में स्पर पर बोल्डर पिचिंग का काम भी बीच में अटक गया है। वहीं गोलागंज नई बस्ती के पास नदी के निशाने पर आ गया है। ऐसे में अब अधिकारी किसी तरह स्थानीय मजदूरों को लगाकर काम को गति देने में लगे हुए हैं। लेकिन परियोजना के समय से पूरा होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। (संवाद)
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नेपाल कभी भी छोड़ सकता पानी
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बरसात हो रही है। वहां बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। नेपाल के बनबसा बैराज समेत अन्य बैराजों से भारतीय नदियों में पानी छोड़ा जाता है। पानी बढ़ने के बाद कभी भी नेपाल के पानी छोड़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में हालात और भी अधिक खराब हो सकते हैं।
तेज कराया जाएगा काम
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा व निर्माण में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। काम तेज कराया जा रहा है। कुछ मजदूर वापस गए हैं। मगर इससे काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
-बीबी पाल, एई, सरयू ड्रेनेज खंड, बहराइच
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शासन की ओर से बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए तीन स्पर के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई थी। करीब बीस करोड़ रुपये की परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद टेंडर निकालकर काम शुरू कराया गया। मगर काम अभी तक अधूरा पड़ा हुआ है। जबकि इसे 15 जून तक पूरा होना था। इसके बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के कारण काम अधर में ही लटका हुआ है।
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सरयू नदी पर बन रहे स्पर की नोज की पिचिंग का काम अभी तक कराया ही नहीं गया है। ऐसे में बाढ़ आने पर नदी की कटान में नोज और स्पर समा सकता है। वहीं स्पर निर्माण में लखीमपुर के मजदूर लगाए गए थे। जो पैसा न मिलने के कारण काम अधूरा छोड़कर चले गए हैं। ऐसे में स्पर पर बोल्डर पिचिंग का काम भी बीच में अटक गया है। वहीं गोलागंज नई बस्ती के पास नदी के निशाने पर आ गया है। ऐसे में अब अधिकारी किसी तरह स्थानीय मजदूरों को लगाकर काम को गति देने में लगे हुए हैं। लेकिन परियोजना के समय से पूरा होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। (संवाद)
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नेपाल कभी भी छोड़ सकता पानी
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बरसात हो रही है। वहां बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। नेपाल के बनबसा बैराज समेत अन्य बैराजों से भारतीय नदियों में पानी छोड़ा जाता है। पानी बढ़ने के बाद कभी भी नेपाल के पानी छोड़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में हालात और भी अधिक खराब हो सकते हैं।
तेज कराया जाएगा काम
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा व निर्माण में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। काम तेज कराया जा रहा है। कुछ मजदूर वापस गए हैं। मगर इससे काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
-बीबी पाल, एई, सरयू ड्रेनेज खंड, बहराइच