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महसी के 70 मजरों में भरा पानी
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12 बीएचआर 20 - महसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बौंडी संपर्क मार्ग पर भरे पानी के बाद सुरक्षित स्थान
- फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण महसी के 70 मजरों में पानी भर गया है। क्षेत्र के 16 संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। मंगलवार को संपर्क मार्ग से बंधे की ओर जा रही मां-बेटी पानी में डूब गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों को बचा लिया। स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा है। वहीं, ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक नाव नहीं लगाई गई है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
महसी में सरयू नदी का पानी गांवों में भरने लगा है। बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। घाघरा नदी का पानी बढ़ने से गांवों में जलभराव होता जा रहा है। महसी तहसील क्षेत्र में सोमवार को 20 मजरों में पानी भरा था। लेकिन मंगलवार को जलस्तर बढ़ने से स्थिति और भयावह हो गई। तहसील क्षेत्र के 70 मजरों में पानी भर गया है। लगभग 60 हजार की आबादी प्रभावित है। बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक नाव नहीं लगाया गया है। जिससे बाढ़ में फंसे लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पानी गांवों में भरने से तहसील क्षेत्र के 16 संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है।
लोग पानी के बीच से होकर निकल रहे हैं। ग्रामीण तख्त पर खाना-पानी का इंतजाम कर रहे हैं। राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहा है। बौंडी के मस्जिद रोड पर नाजमीन (40) पत्नी हसमत अपनी पुत्री रईसा के साथ सड़क पार कर रही थी। पानी से निकलकर तटबंध की ओर सुरक्षित जा रही थी। लेकिन तेज बहाव के कारण पानी में दोनों डूबने लगीं। गोताखोरों की मदद से उसे किसी प्रकार बचाया जा सका। नाजमीन को स्थानीय चिकित्सकों के यहां इलाज कराया जा रहा है। हालत चिंताजनक बनी हुई है। बिसवां के मापक बहोरीलाल के मुताबित नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर प्रति दो घंटे पर एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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बाढ़ से परेशान ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गांवों में पानी भर गया है। लेकिन ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए नाव नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे में नाव नहीं लगाया गया तो सभी बंधे पर प्रदर्शन करेंगे। इसकी सूचना उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को ग्रामीणों ने दी है।
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महसी में सरयू नदी का पानी गांवों में भरने लगा है। बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। घाघरा नदी का पानी बढ़ने से गांवों में जलभराव होता जा रहा है। महसी तहसील क्षेत्र में सोमवार को 20 मजरों में पानी भरा था। लेकिन मंगलवार को जलस्तर बढ़ने से स्थिति और भयावह हो गई। तहसील क्षेत्र के 70 मजरों में पानी भर गया है। लगभग 60 हजार की आबादी प्रभावित है। बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक नाव नहीं लगाया गया है। जिससे बाढ़ में फंसे लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पानी गांवों में भरने से तहसील क्षेत्र के 16 संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है।
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लोग पानी के बीच से होकर निकल रहे हैं। ग्रामीण तख्त पर खाना-पानी का इंतजाम कर रहे हैं। राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहा है। बौंडी के मस्जिद रोड पर नाजमीन (40) पत्नी हसमत अपनी पुत्री रईसा के साथ सड़क पार कर रही थी। पानी से निकलकर तटबंध की ओर सुरक्षित जा रही थी। लेकिन तेज बहाव के कारण पानी में दोनों डूबने लगीं। गोताखोरों की मदद से उसे किसी प्रकार बचाया जा सका। नाजमीन को स्थानीय चिकित्सकों के यहां इलाज कराया जा रहा है। हालत चिंताजनक बनी हुई है। बिसवां के मापक बहोरीलाल के मुताबित नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। जलस्तर प्रति दो घंटे पर एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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बाढ़ से परेशान ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गांवों में पानी भर गया है। लेकिन ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए नाव नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे में नाव नहीं लगाया गया तो सभी बंधे पर प्रदर्शन करेंगे। इसकी सूचना उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को ग्रामीणों ने दी है।