{"_id":"5d9b68088ebc3e0168432706","slug":"flood-bahraich-news-lko485695568","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा की कटान में समाहित हुई 40 बीघा जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा की कटान में समाहित हुई 40 बीघा जमीन
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बहराइच। पिपरी गांव में घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। नदी ने कटान करते हुए 10 ग्रामीणों की 40 बीघा खेती योग्य जमीन को अपनी आगोश में ले लिया है। साथ ही पिपरी के राजा के भवन को भी आगोश में ले लिया है। भवन धीरे-धीरे नदी में समाहित हो रहा है। कटान की जानकारी मिलने पर तहसीलदार ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट भेज दी है।
मोतीपुर तहसील के गोपिया, गिरिजापुरी व बनबसा बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे घाघरा नदी का जलस्तर घूरदेवी पर 110 सेंटीमीटर पहुंच गया है। वहीं महसी तहसील के पिपरी गांव में नदी का जलस्तर कम होने से कटान शुरू हो गई है।
गांव निवासी राजेश सिंह, शब्बीर, रक्षाराम व छोटे समेत 10 किसानों की 40 बीघा जमीन घाघरा नदी में समाहित हो गई है। पिपरी राजा के भवन को भी नदी ने अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। भवन का थोड़ा हिस्सा नदी में समाहित हो गया है।
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कटान की सूचना ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय को दी। इस पर तहसीलदार राजेश वर्मा ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कटान का मुआयना किया। तहसीलदार ने बताया कि जमीन कटान में समाहित हो रही है। सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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मोतीपुर तहसील के गोपिया, गिरिजापुरी व बनबसा बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे घाघरा नदी का जलस्तर घूरदेवी पर 110 सेंटीमीटर पहुंच गया है। वहीं महसी तहसील के पिपरी गांव में नदी का जलस्तर कम होने से कटान शुरू हो गई है।
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गांव निवासी राजेश सिंह, शब्बीर, रक्षाराम व छोटे समेत 10 किसानों की 40 बीघा जमीन घाघरा नदी में समाहित हो गई है। पिपरी राजा के भवन को भी नदी ने अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है। भवन का थोड़ा हिस्सा नदी में समाहित हो गया है।
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कटान की सूचना ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय को दी। इस पर तहसीलदार राजेश वर्मा ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कटान का मुआयना किया। तहसीलदार ने बताया कि जमीन कटान में समाहित हो रही है। सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।