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महसी के पांच गांव घाघरा से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 10 Aug 2015 10:05 PM IST
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बहराइच/राजीचौराहा। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी उफना गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र के पांच गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं। कायमपुर गांव नदी के निशाने पर आ गया है। प्राथमिक विद्यालय पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं, जिसके चलते स्कूल खाली करवा दिया गया है।
सड़क पर पानी बहने के कारण आवागमन बाधित है लेकिन अब तक राहत व बचाव कार्य शून्य है। हालांकि, तहसील प्रशासन राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर व्यवस्था पर नजर रखने का दावा कर रहा है।
नेपाल के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में झमाझम बरसात हो रही है। इसके चलते नेपाल से भारतीय क्षेत्र में आने वाली नदियों से घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है।
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रविवार देर रात नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान पार कर गई। सोमवार दोपहर नदी का जलस्तर 106.286 मीटर दर्ज हुआ। यह खतरे के निशान से 21.6 सेंटीमीटर अधिक है।
अचानक घाघरा नदी के उफनाने से महसी तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कुर्मिनपुरवा, गोलागंज, जरमापुर, कायमपुर और पिपरा गांव में पानी भर गया है। कायमपुर मुख्य संपर्क मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है।
प्राथमिक विद्यालय कायमपुर भी नदी के निशाने पर आ गया है। लहरें स्कूल की दीवारों पर थपेड़े ले रही हैं। इसके चलते विद्यालय खाली कर दिया गया है।
सोमवार को विद्यालय के बच्चों की क्लास कायमपुर-जरमापुर संपर्क मार्ग पर ही लगी। पढ़ाई सिर्फ औपचारिकता रही। सड़क पर ही बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेशधर द्विवेदी ने बताया कि सड़क किनारे छप्पर में विद्यालय लगाया गया है। विद्यालय भवन नदी के निशाने पर है। वहां काफी खतरा है। इसकी सूचना बीएसए को दे दी गई है।
इस मामले में उपजिलाधिकारी चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि घाघरा के उफनाने से गांव के घिरने की सूचना नहीं थी। अब पता चला है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। नायब तहसीलदार की अगुवाई में टीम प्रभावित इलाकों में रवाना की गई है।
नदी में डिस्चार्ज हो रहा 2.42 लाख क्यूसेक पानी
घाघरा नदी में दो लाख 42 हजार 862 क्यूसेक पानी फिर छोड़ दिया गया है। इसके चलते जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि महसी, कैसरगंज और नानपारा क्षेत्र के उपजिलाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता सरयू ड्रेनेज खंड के मुन्नालाल सचान को क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र के पांच गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं। कायमपुर गांव नदी के निशाने पर आ गया है। प्राथमिक विद्यालय पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं, जिसके चलते स्कूल खाली करवा दिया गया है।
सड़क पर पानी बहने के कारण आवागमन बाधित है लेकिन अब तक राहत व बचाव कार्य शून्य है। हालांकि, तहसील प्रशासन राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर व्यवस्था पर नजर रखने का दावा कर रहा है।
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नेपाल के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में झमाझम बरसात हो रही है। इसके चलते नेपाल से भारतीय क्षेत्र में आने वाली नदियों से घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है।
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रविवार देर रात नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान पार कर गई। सोमवार दोपहर नदी का जलस्तर 106.286 मीटर दर्ज हुआ। यह खतरे के निशान से 21.6 सेंटीमीटर अधिक है।
अचानक घाघरा नदी के उफनाने से महसी तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कुर्मिनपुरवा, गोलागंज, जरमापुर, कायमपुर और पिपरा गांव में पानी भर गया है। कायमपुर मुख्य संपर्क मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है।
प्राथमिक विद्यालय कायमपुर भी नदी के निशाने पर आ गया है। लहरें स्कूल की दीवारों पर थपेड़े ले रही हैं। इसके चलते विद्यालय खाली कर दिया गया है।
सोमवार को विद्यालय के बच्चों की क्लास कायमपुर-जरमापुर संपर्क मार्ग पर ही लगी। पढ़ाई सिर्फ औपचारिकता रही। सड़क पर ही बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेशधर द्विवेदी ने बताया कि सड़क किनारे छप्पर में विद्यालय लगाया गया है। विद्यालय भवन नदी के निशाने पर है। वहां काफी खतरा है। इसकी सूचना बीएसए को दे दी गई है।
इस मामले में उपजिलाधिकारी चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि घाघरा के उफनाने से गांव के घिरने की सूचना नहीं थी। अब पता चला है। राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। नायब तहसीलदार की अगुवाई में टीम प्रभावित इलाकों में रवाना की गई है।
नदी में डिस्चार्ज हो रहा 2.42 लाख क्यूसेक पानी
घाघरा नदी में दो लाख 42 हजार 862 क्यूसेक पानी फिर छोड़ दिया गया है। इसके चलते जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि महसी, कैसरगंज और नानपारा क्षेत्र के उपजिलाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता सरयू ड्रेनेज खंड के मुन्नालाल सचान को क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।