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Bahraich News: बेटी की हत्या में पिता को आजीवन कारावास
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बहराइच। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय ने सगी बेटी की गला काटकर हत्या के बहुचर्चित मामले में बुधवार को अभियुक्त पिता को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया। अर्थदंड की राशि न जमा करने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना मोतीपुर क्षेत्र का है। 2 सितंबर 2024 की सुबह लगभग 10 बजे पारिवारिक विवाद के दौरान मो. नईम उर्फ कल्लन ने अपनी पुत्री खुशबू (18) की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका की मां जाबरून्निशा ने मोतीपुर थाने में पति के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल नौ गवाह पेश किए गए। इनमें मृतका की मां, बहन, पड़ोसी ग्रामीण, पुलिसकर्मी, विवेचक और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल रहे। सभी गवाहों ने घटना की पुष्टि की और अभियोजन पक्ष की बात को मजबूत किया। मेडिकल रिपोर्ट और पंचायतनामा जैसे साक्ष्यों ने भी घटना को प्रमाणित किया।
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वहीं, बचाव पक्ष ने अभियुक्त को निर्दोष बताते हुए उसे झूठा फंसाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान को विश्वसनीय माना। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभियुक्त द्वारा अपनी ही पुत्री की हत्या करना एक अत्यंत गंभीर और अमानवीय कृत्य है, जिसने पारिवारिक संबंधों की मर्यादा को तोड़ा है।
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय की अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पिता मो. नईम को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया। अर्थदंड की राशि न देने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला यद्यपि गंभीर प्रकृति का है, लेकिन इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा। फैसला सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को जिला कारागार भेजने का आदेश दिया गया। बेटी को न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया।
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मामला थाना मोतीपुर क्षेत्र का है। 2 सितंबर 2024 की सुबह लगभग 10 बजे पारिवारिक विवाद के दौरान मो. नईम उर्फ कल्लन ने अपनी पुत्री खुशबू (18) की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका की मां जाबरून्निशा ने मोतीपुर थाने में पति के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
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मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल नौ गवाह पेश किए गए। इनमें मृतका की मां, बहन, पड़ोसी ग्रामीण, पुलिसकर्मी, विवेचक और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शामिल रहे। सभी गवाहों ने घटना की पुष्टि की और अभियोजन पक्ष की बात को मजबूत किया। मेडिकल रिपोर्ट और पंचायतनामा जैसे साक्ष्यों ने भी घटना को प्रमाणित किया।
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वहीं, बचाव पक्ष ने अभियुक्त को निर्दोष बताते हुए उसे झूठा फंसाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान को विश्वसनीय माना। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभियुक्त द्वारा अपनी ही पुत्री की हत्या करना एक अत्यंत गंभीर और अमानवीय कृत्य है, जिसने पारिवारिक संबंधों की मर्यादा को तोड़ा है।
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय की अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पिता मो. नईम को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया। अर्थदंड की राशि न देने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला यद्यपि गंभीर प्रकृति का है, लेकिन इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा। फैसला सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को जिला कारागार भेजने का आदेश दिया गया। बेटी को न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया।