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बाड़ में उतरे करंट से किसान की मौत
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 19 Jun 2017 10:57 PM IST
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किसान की माौत के बाद जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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शिवसहाय पुरवा मरौटिया गांव निवासी एक किसान बीती रात खेत की सिंचाई कर रहा था। खेत की सुरक्षा के लिए तारों की बाड़ लगी हुई थी, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी बीच अंधेरे में बाड़ की चपेट में आकर किसान की मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि इस मामले में अभी तक पावर कॉर्पोरेशन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
फसलों की सुरक्षा के लिए लगाई गई तार की बाड़ में करंट प्रवाहित करने से हादसे थम नहीं रहे हैं। तीन दिन में यह दूसरा हादसा है। विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के शिवसहाय पुरवा मरौटिया गांव निवासी रामदेव गिरि (40) पुत्र फौजदार का खेत गांव से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है।
वह रविवार की रात खेत की सिंचाई करने गए थे। खेत में मक्का व अन्य फसलें लगी हैं। सुरक्षा के लिए रामदेव ने खेत के किनारे तार की बाड़ लगा रखी थी। रात मेें तार की बाड़ में करंट प्रवाहित हो रहा था। सिंचाई के समय अंधेरा होने के चलते रामदेव तार की बाड़ देख नहीं सके और उसमें उलझ गए। करंट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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काफी देर तक जब रामदेव घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोग खेत पर गए। यहां पर वह तार की बाड़ में उलझे हुए मृत हालत में मिले। लकड़ी की सहायता से शव को तार की बाड़ से अलग किया गया। रात में ही घटना की सूचना थाने पर दी गई। थानाध्यक्ष केके यादव का कहना है कि तार की बाड़ में करंट प्रवाहित होने से किसान रामदेव की मौत हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में तार की बाड़ में करंट प्रवाहित होने से दो दिन पूर्व हरदी थाना क्षेत्र के बरवलिया गांव में किशोर की मौत हो गई थी। अभी यह मामला थमा नहीं था। तभी विशेश्वरगंज के पूरे शिवसहाय गांव में रामदेव ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से लोग सकते में हैं। वहीं पावर कॉर्पोरेशन मामले की जानकारी से इन्कार कर रहा है। अधिशासी अभियंता विद्युत आरिफ अहमद का कहना है कि जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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फसलों की सुरक्षा के लिए लगाई गई तार की बाड़ में करंट प्रवाहित करने से हादसे थम नहीं रहे हैं। तीन दिन में यह दूसरा हादसा है। विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के शिवसहाय पुरवा मरौटिया गांव निवासी रामदेव गिरि (40) पुत्र फौजदार का खेत गांव से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है।
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वह रविवार की रात खेत की सिंचाई करने गए थे। खेत में मक्का व अन्य फसलें लगी हैं। सुरक्षा के लिए रामदेव ने खेत के किनारे तार की बाड़ लगा रखी थी। रात मेें तार की बाड़ में करंट प्रवाहित हो रहा था। सिंचाई के समय अंधेरा होने के चलते रामदेव तार की बाड़ देख नहीं सके और उसमें उलझ गए। करंट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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काफी देर तक जब रामदेव घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोग खेत पर गए। यहां पर वह तार की बाड़ में उलझे हुए मृत हालत में मिले। लकड़ी की सहायता से शव को तार की बाड़ से अलग किया गया। रात में ही घटना की सूचना थाने पर दी गई। थानाध्यक्ष केके यादव का कहना है कि तार की बाड़ में करंट प्रवाहित होने से किसान रामदेव की मौत हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में तार की बाड़ में करंट प्रवाहित होने से दो दिन पूर्व हरदी थाना क्षेत्र के बरवलिया गांव में किशोर की मौत हो गई थी। अभी यह मामला थमा नहीं था। तभी विशेश्वरगंज के पूरे शिवसहाय गांव में रामदेव ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से लोग सकते में हैं। वहीं पावर कॉर्पोरेशन मामले की जानकारी से इन्कार कर रहा है। अधिशासी अभियंता विद्युत आरिफ अहमद का कहना है कि जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।