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पीठासीन अधिकारी को बंधक बनाने व फर्जी मतदान को लेकर पथराव में केस दर्ज

Fri, 30 Apr 2021 11:07 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Apr 2021 11:07 PM IST
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बहराइच। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए बवाल व बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने मुदकमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फर्जी वोट डालने को लेकर संकल्पा में हुए पथराव मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 10 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि रानीपुर थाना में पीठासीन अधिकारी को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने एसआई व हेड कांस्टेबल की तहरीर पर दो मुकदमें में 34 नामजद व 280 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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खैरीघाट थाना क्षेत्र के संकल्पा मतदान केंद्र पर मतदान के दौरान प्रत्याशी मोहम्मद असलम व शेर अली के समर्थक फर्जी मतदान को लेकर आपस में भिड़ गए और दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर पथराव करने लगे। पथराव में 11 लोग चोटिल भी हुए। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि पथराव की सूचना पर तत्काल थाने की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया गया। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि मौके से फारूक खां, शब्बीर खां, मिज्जन, चंदसेन, शब्बीर अली, मोहम्मद मुख्तार, मोहम्मद असलम, शेर अली व गुलाम जिलानी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
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एएसपी ने बताया कि पकड़े गए 10 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। वहीं रानीपुर थाना क्षेत्र के भंभरपुर में मतपत्र पर मुहर लगाने को लेकर हुए विवाद में ग्रामीणों ने पीठासीन अधिकारी को बंधक बना लिया था। इस मामले में रानीपुर थाने के एसआई सुनील तिवारी के तहरीर पर सात नामजद, 150 पुरूष व 70 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इसी मामले में हेड कांस्टेबिल देवेंद्र यादव की तहरीर पर 27 नामजद व 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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रानीुपर थाना क्षेत्र में पीठासीन अधिकारी को बंधक बनाए जाने के मामले में जानकारी के लिए एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह, सीओ पयागपुर व थानाध्यक्ष के सीयूजी नंबर पर काल किया गया, लेकिन कोई भी अधिकारी फोन नहीं उठाया। एएसपी ने एक बार फोन उठाया था तो कुछ देर में जानकारी देने की बात कहकर फिर फोन उठाना ही भूल गए। ऐसे में फरियादियों को कैसे न्याय मिलेगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

एएसपी नगर, सीओ व रानीपुर थानाध्यक्ष कोई फोन नहीं उठा रहे है तो हो सकता है कि कोई मीटिंग या जरूरी काम से हो, सीयूजी नंबर पर आने वाली काले को रिसीव करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। अगर किसी कारण फोन नहीं उठता है तो काल बैक करने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. राकेश सिंह, डीआईजी
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