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डॉक्टरों के ऊंचे रसूख से बेबस स्वास्थ्य महकमा
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2015 11:26 PM IST
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राजधानी लखनऊ ही नहीं, बहराइच में भी डॉक्टरों की लापरवाही जानलेवा बना है। मामला ज्यादा बिगड़ने पर रोगियों को लखनऊ रेफर किया जाता है लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
मंगलवार भोर में भी ऐसा ही मामला जिला महिला अस्पताल में देखने को मिला। आलम यह है कि औसतन प्रतिमाह दो रोगी लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं। अब तक 15 रोगियों की मौत हो चुकी है लेकिन डॉक्टरों को ऊंचे रसूख के आगे महकमा बेबस है।
विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जनवरी से जून तक तक 12 नवजात शिशु व तीन प्रसूताओं ने समय पर इलाज या गलत इलाज मिलने के कारण दम तोड़ दिया। इसकी शिकायत सीएमओ को मिली है।
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घटना से गुस्साए परिवारीजनों ने डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जद्दोजहद के बाद जांच यदि आगे बढ़ी तो आरोपी डॉक्टरों को दोष मुक्त करते हुए फाइल बंद कर दी गई। जिले में अभी तक किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है।
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मंगलवार भोर में भी ऐसा ही मामला जिला महिला अस्पताल में देखने को मिला। आलम यह है कि औसतन प्रतिमाह दो रोगी लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं। अब तक 15 रोगियों की मौत हो चुकी है लेकिन डॉक्टरों को ऊंचे रसूख के आगे महकमा बेबस है।
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विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जनवरी से जून तक तक 12 नवजात शिशु व तीन प्रसूताओं ने समय पर इलाज या गलत इलाज मिलने के कारण दम तोड़ दिया। इसकी शिकायत सीएमओ को मिली है।
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घटना से गुस्साए परिवारीजनों ने डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जद्दोजहद के बाद जांच यदि आगे बढ़ी तो आरोपी डॉक्टरों को दोष मुक्त करते हुए फाइल बंद कर दी गई। जिले में अभी तक किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है।