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डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, घर पहुंचने पर चलाने लगा पैर

Thu, 25 May 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Thu, 25 May 2017 11:53 PM IST
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Doctors declared dead, feet started to reach home
अस्पताल में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
शहर के वजीरबाग मोहल्ला निवासी एक युवक करंट लगने से बेहोश हो गया। आनन-फानन में परिवारीजन उसे देर शाम जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वापस घर ले जाने पर युवक पैर चलाने लगा।
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इस पर परिवार के लोग युवक को लेकर फिर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने इलाज करने में ना नुकुर की। जिसके चलते परिवारीजन आक्रोशित हो गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की। सूचना पाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। अफरा-तफरी मची रही। 
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कोतवाली नगर अंतर्गत मोहल्ला वजीरबाग मछली मंडी निवासी सरताज (30) पुत्र नज्जू गुरुवार की शाम करीब सात बजे पंखे का प्लग लगा रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। अचेत होने पर परिवारीजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन रोते-बिलखते सरताज को लेकर घर लौट गए। लेकिन घर पहुंचते ही वह पैर चलाने लगा।
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इस पर आनन-फानन में परिवार के लोग सरताज को लेकर पुन: जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन यहां डॉक्टरों ने इलाज करने में ना नुकुर की। इस पर परिवारीजन व साथ में आए लोग भड़क उठे। उन्होंने जमकर हंगामा किया।

इस पर कुछ चिकित्साकर्मियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर लगाया, लेकिन हंगामे के चलते इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक और चिकित्साकर्मी अस्पताल से खिसक गए। इस पर समर्थकों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल के इमरजेंसी का मुख्य गेट तोड़ दिया।

अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना पाकर एएसपी दिनेश त्रिपाठी, सीओ विजयशंकर मिश्र, पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन भारी भीड़ होने के चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर है। सीएमएस डॉ. डीके सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में है। अस्पताल में पहुंचे हैं, लेकिन तोड़फोड़ की स्थिति बनी हुई है। स्थिति सामान्य होने पर ही कुछ बता सकते हैं। 

हंगामे के चलते जिला अस्पताल से सभी डॉक्टर और चिकित्साकर्मी भाग खड़े हुए। इसके चलते ऑक्सीजन पर पड़े सरताज को परिवारीजन रेफर भी नहीं करवा पा रहे हैं। 

उधर, हंगामे के बीच जिला अस्पताल पहुंचाए गए सरताज की रात 9:20 बजे सांस थम गई। इस दौरान परिवारीजन उसे लखनऊ रेफर कराने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन कोई भी डॉक्टर मौजूद न होने के चलते न तो इलाज मिला न ही उसे रेफर करने की औपचारिकता पूरी की जा सकी। जिसके चलते रात 9:30 बजे के आसपास सरताज की सांसे थम गईं। 

वहीं, जिला अस्पताल में देर शाम अस्पताल में लापरवाही के चलते हुई सरताज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन किनारा कस रहा है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सेक्रेटरी डॉ. केके वर्मा ने कहा कि डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है। स्थिति देखकर उन्होंने सरताज के मौत की घोषणा की थी। उसकी मौत हो चुकी थी।


परिवारीजन जबरन पुन: शव को लाए। जबकि वह ब्राट डेड था। ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। जब तक सुरक्षा मुहैया नहीं होगी, डॉक्टर काम नहीं करेंगे। सभी चिकित्सक हड़ताल पर जा रहे हैं। इस घोषणा के बाद अफरा तफरी की स्थिति बन गई है।
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