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देर रात हड़ताल से लौटे डॉक्टर

Fri, 26 May 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Fri, 26 May 2017 11:07 PM IST
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Doctor returned late night from strike
जिला अस्पताल में हंगामा करते लोग - फोटो : अमर उजाला
जिला चिकित्सालय में बीती रात हुए हंगामे के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी हड़ताल पर चले गए थे। इससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई थीं। डॉक्टर शव का पोस्टमार्टम कराने और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। इस पर रात में ही शव पुन: मंगवाया गया।
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इसके बाद एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया, जिसके चलते देर रात करीब दो बजे डॉक्टर और चिकित्साकर्मी काम पर लौटे। वहीं, अस्पताल में तोड़फोड़ और उत्पात के मामले में ईएमओ की तहरीर पर दो नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
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नगर कोतवाली क्षेत्र के वजीरबाग मछली मंडी मोहल्ला निवासी सरताज (28) पुत्र नज्जू को गुरुवार देर शाम करंट लगने पर परिवारीजनों ने अस्पताल पहुंचाया था, वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। जबकि घर पहुंचने पर सरताज के पैर चलने लगे थे। इस पर उसे पुन: जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान चिकित्सक और कर्मियों से हाथापाई भी हुई।
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आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। इस पर डॉक्टर भाग खड़े हुए। देर रात तक हंगामा होता रहा। मौके पर पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हंगामे के बीच ही सरताज की सांस फिर थमने पर सभी शव लेकर लौट गए। हंगामे से खफा और दहशतजदा डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों ने रात 10 बजे हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। इससे अफरा-तफरी मच गई।

डॉक्टर दोषियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई के साथ, मृतक का पोस्टमार्टम कराने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। रात करीब दो बजे जब मृतक सरताज के शव को पुन: मंगवाकर केस दर्ज कर कार्रवाई करने का आश्वासन एएसपी दिनेश त्रिपाठी ने दिया, तब डॉक्टर शांत हुए। रात दो बजे डॉक्टरों ने हड़ताल वापस लेते हुए स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की बात कही। तब पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

हंगामे और अफरातफरी के बीच चार घंटे तक जिला अस्पताल में भर्ती 250 मरीज बेहाल रहे। एएसपी ने बताया कि सीएमएस की तहरीर पर अस्पताल में हाथापाई, हंगामा और तोड़फोड़ करने के मामले में ईएमओ डॉ. विवेक गुप्ता की तहरीर पर राजू और अजीज निवासी वजीरबाग को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, तोड़फोड़ करने के मामले में धारा 323, 332, 504, 506 का केस दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक विद्यासागर वर्मा ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

रात में हंगामा और तोड़फोड़ के चलते सुरक्षा के मद्देनजर सुबह से जिला अस्पताल में फोर्स तैनात रही। पुलिस और पीएसी के जवानों की मौजूदगी में इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों का इलाज हुआ।  

जिला अस्पताल में आए दिन होने वाले हंगामे को देखते हुए वर्ष भर पूर्व सुरक्षा चौकी स्थापित की गई थी। पीएसी की भी ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षाकर्मियों की कमी के चलते अस्पताल से सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई थी।


इसका नतीजा यह है कि तीन दिन में दो-दो बार जिला अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की स्थिति बनी। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि इस मामले में चार बार पीएसी और पुलिस की तैनाती के लिए एसपी को पत्र लिखा, लेकिन अब तक कार्रवाई शून्य रही है।
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