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Bahraich News: डायरिया-बुखार की मार, 10 बेड के पीआईसीयू में 17 बच्चे भर्ती
Wed, 26 Mar 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:08 AM IST
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मेडिकल काॅलेज के पीआईसीयू वार्ड में एक बेड पर भर्ती दो बच्चे।
बहराइच। तराई डायरिया व बुखार कि गिरफ्त में नजर आ रही है और बाल रोगियों की संख्या बढ़ गई है। आलम यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 250 से 300 बाल रोगी पहुंच रहे हैं और पीआईसीयू वार्ड फुल हो गया है।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के 10 बेड के पीआईसीयू वार्ड में 17 बाल रोगी भर्ती रहे। आठ बेडों पर दो-दो बाल रोगों का इलाज किया गया। वहीं सामान्य वार्ड में भी डायरिया-बुखार पीड़ित मरीजों की भरमार रही और 38 बाल रोगी भर्ती मिले।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते डायरिया, बुखार व सर्दी जुकाम के मरीज बढ़े हैं। अभिभावकोंं को घर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखते हुए स्वच्छता पर जोर देना चाहिए। छोटे बच्चों को मां का दूध ही पिलाएं, साथ ही उन्हें फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। घर पर ओआरएस का घोल रखें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के 10 बेड के पीआईसीयू वार्ड में 17 बाल रोगी भर्ती रहे। आठ बेडों पर दो-दो बाल रोगों का इलाज किया गया। वहीं सामान्य वार्ड में भी डायरिया-बुखार पीड़ित मरीजों की भरमार रही और 38 बाल रोगी भर्ती मिले।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ला ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते डायरिया, बुखार व सर्दी जुकाम के मरीज बढ़े हैं। अभिभावकोंं को घर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखते हुए स्वच्छता पर जोर देना चाहिए। छोटे बच्चों को मां का दूध ही पिलाएं, साथ ही उन्हें फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं। घर पर ओआरएस का घोल रखें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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