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Bahraich News: तीन अन्य जिलों के डीएफओ को भेड़िया प्रभावित क्षेत्र की कमान
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बहराइच। जिले के भेड़िया प्रभावित क्षेत्रों में अब नई रणनीति के तहत सुरक्षा चक्र तैयार किया जा रहा है। इसके तहत अब तीन अन्य जनपदों के डीएफओ को भेड़िया प्रभावित क्षेत्र की कमान सौंपी गई है। रविवार को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन संरक्षक मध्य क्षेत्र रेणु सिंह ने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
उन्होंने स्थानीय हालात का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को जागरूक भी किया। गंदू झाला गांव में पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की। मुख्य संरक्षक डॉ. सिंह ने निर्देश दिया कि ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जाए। किसी ग्रामीण को भेड़िये की गतिविधि पता चले तो तत्काल सूचित करने के लिए कहें।डीएफओ बहराइच वन प्रभाग राम सिंह यादव ने बताया कि कैसरगंज रेंज के भेड़िया प्रभावित गांव सिपहिया हुलास, मंझारा तौकली और भौरी का निरीक्षण अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया। उनके साथ वन संरक्षक सेम्मारान एम, सहायक वन संरक्षक राशिद जमील सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनको मिली जिम्मेदारी
भेड़िया प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और रेस्क्यू अभियान को और मजबूत करने के लिए डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन, डीएफओ गोंडा अनुराग प्रियदर्शी, डीएफओ श्रावस्ती धनराज मीना को जिम्मेदारी दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों को चार सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों व गश्ती दलों द्वारा दिन-रात निगरानी की जा रही है।
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थर्मल ड्रोन और कैमरा ट्रैप से चौकसी
विशेषज्ञ टीमों ने दो थर्मल ड्रोन कैमरे तैनात किए हैं, जिनकी मदद से भेड़िये की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। इसके अलावा गश्ती दलों ने संवेदनशील गांवों में पांच कैमरा ट्रैप लगाए हैं ताकि भेड़िये की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
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उन्होंने स्थानीय हालात का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को जागरूक भी किया। गंदू झाला गांव में पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की। मुख्य संरक्षक डॉ. सिंह ने निर्देश दिया कि ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जाए। किसी ग्रामीण को भेड़िये की गतिविधि पता चले तो तत्काल सूचित करने के लिए कहें।डीएफओ बहराइच वन प्रभाग राम सिंह यादव ने बताया कि कैसरगंज रेंज के भेड़िया प्रभावित गांव सिपहिया हुलास, मंझारा तौकली और भौरी का निरीक्षण अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया। उनके साथ वन संरक्षक सेम्मारान एम, सहायक वन संरक्षक राशिद जमील सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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इनको मिली जिम्मेदारी
भेड़िया प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और रेस्क्यू अभियान को और मजबूत करने के लिए डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन, डीएफओ गोंडा अनुराग प्रियदर्शी, डीएफओ श्रावस्ती धनराज मीना को जिम्मेदारी दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों को चार सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों व गश्ती दलों द्वारा दिन-रात निगरानी की जा रही है।
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थर्मल ड्रोन और कैमरा ट्रैप से चौकसी
विशेषज्ञ टीमों ने दो थर्मल ड्रोन कैमरे तैनात किए हैं, जिनकी मदद से भेड़िये की लोकेशन ट्रैक की जा रही है। इसके अलावा गश्ती दलों ने संवेदनशील गांवों में पांच कैमरा ट्रैप लगाए हैं ताकि भेड़िये की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।