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Bahraich News: पल्ले-दरवाजों की बढ़ी मांग, बढ़ई कर रहे दिन-रात काम
Sat, 07 Sep 2024 02:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 07 Sep 2024 02:47 AM IST
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महसी तहसील क्षेत्र में दरवाजा तैयार करता कारीगर।
खैरीघाट (बहराइच)। महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों की दहशत के बीच लकड़ी का काम करने वाले कारीगरों की चांदी है। उनके पास बड़ी संख्या में दरवाजा बनाने के ऑर्डर आ रहे हैं। कई तो दिन-रात दरवाजा बनाने में जुटे हैं। कारीगरों के मुताबिक ग्रामीणों के साथ-साथ ग्राम प्रधान भी दरवाजों का ऑर्डर दे रहे हैं। इससे काम बढ़ा है। कुछ ग्रामीण धनाभाव में बांस जड़े दरवाजों की मांग भी कर रहे हैं।
भेड़ियों के हमले के बाद बढ़ा काम भेड़ियों के हमले से लगातार दरवाजे का ऑर्डर मिल रहा है। दो दिनों में ही 12 दरवाजे बनाए हैं। दिन-रात काम करना पड़ रहा है।
परशुराम, कारीगर
ग्रामीणों की संख्या बढ़ी
भेड़िया प्रभावित क्षेत्रों में लोग तेजी से दरवाजे लगवा रहे हैं। काम अचानक बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा लोग आ रहे हैं।
सहदेव गोस्वामी, राजी चौराहा
फोटो-36
प्रधान ने खरीदे 32 दरवाजे
दरवाजों की मांग तेजी से बढ़ी है। गरेठी गुरुदत्त सिंह के प्रधान ने 32 दरवाजे खरीदे हैं। भाई तौफीक अहमद को दरवाजा लगाने के लिए भेजा है।
तौहीद अहमद, कारीगर
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भेड़ियों के हमले के बाद बढ़ा काम भेड़ियों के हमले से लगातार दरवाजे का ऑर्डर मिल रहा है। दो दिनों में ही 12 दरवाजे बनाए हैं। दिन-रात काम करना पड़ रहा है।
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परशुराम, कारीगर
ग्रामीणों की संख्या बढ़ी
भेड़िया प्रभावित क्षेत्रों में लोग तेजी से दरवाजे लगवा रहे हैं। काम अचानक बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा लोग आ रहे हैं।
सहदेव गोस्वामी, राजी चौराहा
फोटो-36
प्रधान ने खरीदे 32 दरवाजे
दरवाजों की मांग तेजी से बढ़ी है। गरेठी गुरुदत्त सिंह के प्रधान ने 32 दरवाजे खरीदे हैं। भाई तौफीक अहमद को दरवाजा लगाने के लिए भेजा है।
तौहीद अहमद, कारीगर