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मुन्ना कव्वाल ने अमीरमाह के शान में पढ़े कसीदे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 15 Sep 2015 10:22 PM IST
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बहराइच। हजरत सैय्यद अफजालुद्दीन अबू जाफर अमीरमाह सोहरवदी का 664वां उर्स मंगलवार की अलसुबह नमाज फजिर से संपन्न हो गया। इससे पूर्व कव्वालों ने अमीरमाह की शान में कसीदे पढ़े और महफिल में समां बांध दिया।
रात भर अमीरमाह की मजार पर जियारत का दौर चला। लोगों ने गागर-चादर, फल व फूल पेशकर दुआ मांगी।
शहर के नानपारा बस स्टैंड स्थित अमीरमाह की मजार पर सोमवार को आस्ताना हजरत सैय्यद अमीरमाह की ओर से सालाना उर्स का आयोजन किया गया।
दिन में मेला, उर्स मुुबारक जैसे परंपरागत कार्यक्रमों का दौर चला तो रात में महफिले कव्वाली हुई। इस दौरान मशहूर कव्वाल मुन्ना भारतीय, अकबर फखरपुरी, मो ताहिर चिश्ती बरेली शरीफ आदि कव्वालों ने अमीरमाह की शान में कलाम पढ़े और समां बांध दिया। मजार पर पूरी रात जियारत का दौर चला।
जिले के कोने-कोने से जायरीन मजार पर पहुंचे। गागर-चादर पेश कर लोगों ने दुआएं मांगी। महिलाओं, बच्चों ने मेले का आनंद उठाया। अंत में लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रियाज अली, साजिद अली एडवोकेट, इरशाद अली ठेकेदार, सय्यद अली, अजमत उल्ला आदि लोग थे।
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रात भर अमीरमाह की मजार पर जियारत का दौर चला। लोगों ने गागर-चादर, फल व फूल पेशकर दुआ मांगी।
शहर के नानपारा बस स्टैंड स्थित अमीरमाह की मजार पर सोमवार को आस्ताना हजरत सैय्यद अमीरमाह की ओर से सालाना उर्स का आयोजन किया गया।
दिन में मेला, उर्स मुुबारक जैसे परंपरागत कार्यक्रमों का दौर चला तो रात में महफिले कव्वाली हुई। इस दौरान मशहूर कव्वाल मुन्ना भारतीय, अकबर फखरपुरी, मो ताहिर चिश्ती बरेली शरीफ आदि कव्वालों ने अमीरमाह की शान में कलाम पढ़े और समां बांध दिया। मजार पर पूरी रात जियारत का दौर चला।
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जिले के कोने-कोने से जायरीन मजार पर पहुंचे। गागर-चादर पेश कर लोगों ने दुआएं मांगी। महिलाओं, बच्चों ने मेले का आनंद उठाया। अंत में लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रियाज अली, साजिद अली एडवोकेट, इरशाद अली ठेकेदार, सय्यद अली, अजमत उल्ला आदि लोग थे।
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