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खेत में पहुंचा मगरमच्छ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:32 PM IST
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लोगों में दहशत
- फोटो : अमर उजाला
निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत मटेही फार्म गांव के निकट खेत में चार दिन से मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। भय के चलते किसान खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं। लोगों ने इसकी सूचना रेंज कार्यालय पर दी, लेकिन अब तक वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत मटेही फार्म गांव के निकट से होकर नेपाल का बरसाती नाला गुजरता है। इस समय नाले में काफी पानी है। इसी नाले से होकर एक मगरमच्छ किसानों के धान के खेत में पहुंच गया।
चार दिन से मगरमच्छ बलदेव सिंह तो कभी रंजीत सिंह, सुखचैन और मेजर सिंह के खेतों में दिखाई पड़ रहा है। मगरमच्छ ने तीन बार किसानों पर हमला भी किया, लेकिन किसी तरह लोगों ने जान बचाई। इसकी जानकारी किसानों ने रेंज कार्यालय को दी, लेकिन अब तक वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास नहीं किया।
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मामले में निशानगाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी रविकृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों ने सूचना दी है। वन विभाग की टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। प्रयास है कि मगरमच्छ जिस तरह से आया है, उसी तरह से अपने प्रवास में वापस लौट जाए। एक-दो दिन इंतजार करने के बाद उसे पकड़कर सुरक्षित नदी में छोड़ने की कवायद की जाएगी। फिलहाल किसानों को अकेले खेत में न जाने की हिदायत दी गई है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत मटेही फार्म गांव के निकट से होकर नेपाल का बरसाती नाला गुजरता है। इस समय नाले में काफी पानी है। इसी नाले से होकर एक मगरमच्छ किसानों के धान के खेत में पहुंच गया।
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चार दिन से मगरमच्छ बलदेव सिंह तो कभी रंजीत सिंह, सुखचैन और मेजर सिंह के खेतों में दिखाई पड़ रहा है। मगरमच्छ ने तीन बार किसानों पर हमला भी किया, लेकिन किसी तरह लोगों ने जान बचाई। इसकी जानकारी किसानों ने रेंज कार्यालय को दी, लेकिन अब तक वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास नहीं किया।
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मामले में निशानगाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी रविकृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों ने सूचना दी है। वन विभाग की टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। प्रयास है कि मगरमच्छ जिस तरह से आया है, उसी तरह से अपने प्रवास में वापस लौट जाए। एक-दो दिन इंतजार करने के बाद उसे पकड़कर सुरक्षित नदी में छोड़ने की कवायद की जाएगी। फिलहाल किसानों को अकेले खेत में न जाने की हिदायत दी गई है।