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तीमारदारों के साथ पहुंचे मरीज को बता दिया लावारिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2016 09:49 PM IST
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बहराइच। जिला अस्पताल बहराइच में डॉक्टरों और प्रशासनिक हीलाहवाली का एक और कारनामा सामने आया है। यहां इलाज के लिए आए एक टीबी पीड़ित की मौत हो गई।
इस बात से अंजान उसके तीमारदार पर्चा बनवाने की लंबी लाइन में लगे हुए थे। इस बीच इमरजेंसी ओपीडी के कर्मियों ने नगर कोतवाली को मेमो भिजवाते हुए वारिस लाश को लावारिस में दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी में रखवा दिया।
जब तीमारदार मौके पर पहुंचे तो विभाग का कारनामा सुनकर उनके होश उड़ गए। फिलहाल, मंगलवार को पुलिस ने पंचनामा व पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।
दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत ललगढ़ा गांव निवासी जगराम (38) टीबी से पीड़ित था। सोमवार दोपहर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इमरजेंसी ओपीडी के फार्मासिस्टों ने घर वालों से पर्चा बनवाकर लाने की सलाह दी।
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वे जब पर्चा बनवाने गए, इस बीच जगराम ने दम तोड़ दिया। इस बीच कर्मचारियों ने आननफानन वारिस लाश को लावारिस बनाकर अस्पताल की मर्च्युरी में रखवा दिया। तत्काल पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए नगर कोतवाली को मेमो भी भेज दिया गया।
पर्चा बनवाकर तीमारदार जब इमरजेंसी ओपीडी पहुंचे तो उन्हें पूरी बात पता चली। सूचना पाकर पहुंचे जगराम के चाचा राम विलास ने अस्पताल प्रबंधन से लाश मांगी की तो कर्मचारियों व डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ लिया। स्वाभाविक मौत के बाद भी शव का पोस्टमार्टम किया गया।
एक घंटे पड़ी थी लाश
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय का कहना है कि रोगी की मौत हुए करीब एक घंटे बीत चुके थे लेकिन उस पर हक जताने कोई सामने नहीं आया। रोगी अस्पताल में भर्ती भी नहीं हुआ था।
स कारण उसके नाम व पते की जानकारी नहीं थी। सामान्य प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों ने लावारिस में शव को दर्ज कर मर्च्युरी में बंद करवाया था।
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इस बात से अंजान उसके तीमारदार पर्चा बनवाने की लंबी लाइन में लगे हुए थे। इस बीच इमरजेंसी ओपीडी के कर्मियों ने नगर कोतवाली को मेमो भिजवाते हुए वारिस लाश को लावारिस में दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी में रखवा दिया।
जब तीमारदार मौके पर पहुंचे तो विभाग का कारनामा सुनकर उनके होश उड़ गए। फिलहाल, मंगलवार को पुलिस ने पंचनामा व पोस्टमार्टम होने के बाद शव परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत ललगढ़ा गांव निवासी जगराम (38) टीबी से पीड़ित था। सोमवार दोपहर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इमरजेंसी ओपीडी के फार्मासिस्टों ने घर वालों से पर्चा बनवाकर लाने की सलाह दी।
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वे जब पर्चा बनवाने गए, इस बीच जगराम ने दम तोड़ दिया। इस बीच कर्मचारियों ने आननफानन वारिस लाश को लावारिस बनाकर अस्पताल की मर्च्युरी में रखवा दिया। तत्काल पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए नगर कोतवाली को मेमो भी भेज दिया गया।
पर्चा बनवाकर तीमारदार जब इमरजेंसी ओपीडी पहुंचे तो उन्हें पूरी बात पता चली। सूचना पाकर पहुंचे जगराम के चाचा राम विलास ने अस्पताल प्रबंधन से लाश मांगी की तो कर्मचारियों व डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ लिया। स्वाभाविक मौत के बाद भी शव का पोस्टमार्टम किया गया।
एक घंटे पड़ी थी लाश
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय का कहना है कि रोगी की मौत हुए करीब एक घंटे बीत चुके थे लेकिन उस पर हक जताने कोई सामने नहीं आया। रोगी अस्पताल में भर्ती भी नहीं हुआ था।
स कारण उसके नाम व पते की जानकारी नहीं थी। सामान्य प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों ने लावारिस में शव को दर्ज कर मर्च्युरी में बंद करवाया था।