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41 बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त, पहुंचे अपने घर
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 10 Jul 2015 10:11 PM IST
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श्रावस्ती। सिरसिया के थारू जनजाति के 41 बंधक मजदूर व उनके तीन बच्चे शुक्रवार को पुलिस की सुरक्षा में घर पहुंच गए।
इस मामले में बंधक बनाकर कार्य लेने वाले ठेकेदार व मिर्जापुर स्थित अधीक्षण अभियंता बाण सागर नहर परियोजना वृत्त दो के विरुद्ध स्थानीय थाने में केस दर्ज कराया गया है।
मालूम हो कि बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने के लिए थारू समुदाय के लोगों ने मंगलवार को तहसील भिनगा में प्रदर्शन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने इन्हें मुक्त कराने में सक्रियता दिखाई।
सिरसिया के भचकाही, मोतीपुर कला, कटकुइयां व रनियापुर के 41 मजदूर व उनके साथ तीन बच्चों को बस्ती निवासी दिलीप नाम का एक ठेकेदार अपने साथ ले गया था।
ठेकेदार ने सभी मजदूरों को मिर्जापुर के आलोक सिंह व अन्य ठेकेदार के सुपुर्द कर दिया गया।
आलोक ने मजदूरों को मिर्जापुर के चुकुरिया दाढ़ीराम के बाण सागर परियोजना में पुल निर्माण कार्य में लगाया गया था लेकिन मेहनताना नहीं दिया जा रहा था। मजदूरी मांगने पर जानमाल की धमकी दी जाती थी।
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थारू समुदाय के लोगों ने बीते मंगलवार को तहसील दिवस में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह से इसकी शिकायत की थी।
इस पर जिलाधिकारी ने मिर्जापुर के डीएम राजेश कुमार सिंह को पत्र लिख कर जिले के बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने को कहा था।
पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम मिर्जापुर ने एसडीएम सदर मिर्जापुर अशोक कनौजिया, सीओ गीतांजलि सिंह व सहायक श्रमायुक्त पंकज राणा को मौके पर भेजकर बंधक बनाए गए मजदूरों को नौ जुलाई को मुक्त कराया।
फिर इन्हें स्थानीय पुलिस के साथ बस से श्रावस्ती रवाना किया गया। शुक्रवार शाम ये मजदूर श्रावस्ती कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां डीएम ने उनसे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उन्हें उनके गांव भेज दिया।
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इस मामले में बंधक बनाकर कार्य लेने वाले ठेकेदार व मिर्जापुर स्थित अधीक्षण अभियंता बाण सागर नहर परियोजना वृत्त दो के विरुद्ध स्थानीय थाने में केस दर्ज कराया गया है।
मालूम हो कि बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने के लिए थारू समुदाय के लोगों ने मंगलवार को तहसील भिनगा में प्रदर्शन किया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने इन्हें मुक्त कराने में सक्रियता दिखाई।
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सिरसिया के भचकाही, मोतीपुर कला, कटकुइयां व रनियापुर के 41 मजदूर व उनके साथ तीन बच्चों को बस्ती निवासी दिलीप नाम का एक ठेकेदार अपने साथ ले गया था।
ठेकेदार ने सभी मजदूरों को मिर्जापुर के आलोक सिंह व अन्य ठेकेदार के सुपुर्द कर दिया गया।
आलोक ने मजदूरों को मिर्जापुर के चुकुरिया दाढ़ीराम के बाण सागर परियोजना में पुल निर्माण कार्य में लगाया गया था लेकिन मेहनताना नहीं दिया जा रहा था। मजदूरी मांगने पर जानमाल की धमकी दी जाती थी।
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थारू समुदाय के लोगों ने बीते मंगलवार को तहसील दिवस में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह से इसकी शिकायत की थी।
इस पर जिलाधिकारी ने मिर्जापुर के डीएम राजेश कुमार सिंह को पत्र लिख कर जिले के बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने को कहा था।
पत्र का संज्ञान लेते हुए डीएम मिर्जापुर ने एसडीएम सदर मिर्जापुर अशोक कनौजिया, सीओ गीतांजलि सिंह व सहायक श्रमायुक्त पंकज राणा को मौके पर भेजकर बंधक बनाए गए मजदूरों को नौ जुलाई को मुक्त कराया।
फिर इन्हें स्थानीय पुलिस के साथ बस से श्रावस्ती रवाना किया गया। शुक्रवार शाम ये मजदूर श्रावस्ती कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां डीएम ने उनसे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उन्हें उनके गांव भेज दिया।