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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Acid attack victims lost their lives but did not found help

एसिड अटैक पीड़ितों ने गंवाई जान पर नहीं मिली मदाद

Mon, 26 Oct 2015 11:20 PM IST
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2015 11:20 PM IST
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तेजाब, कोई हथियार तो नहीं लेकिन किसी की
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जिंदगी बर्बाद करने या जान लेने के लिए काफी है। जिले में एसिड अटैक से नवाबगंज निवासी दंपती की जान जा चुकी है। जबकि विशेश्वरगंज की रहने वाली एक कक्षा आठ की छात्रा को चार वर्ष पूर्व तेजाब से जिंदा जला दिया गया था।
अब प्रदेश सरकार ने सभी एसिड पीड़ितों को मदद करने की घोषणा की है। लेकिन सरकारी मशीनरी अभी तक ऐसी पीड़िताओं को नहीं ढूंढ पायी है। जिससे पीड़ित परिवार सरकारी इमदाद से कोसों दूर हैं।
प्रदेश सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के जरिए अब सभी एसिड पीड़िताओं को मदद मुहैय्या कराने की घोषणा की है। इसके लिए सरकार ने बाकायदा सम्मान कोष नियमावली में संशोधन किया है।
अभी तक सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मदद मिलती थी जो 3 फरवरी 2013 के बाद एसिड अटैक की शिकार हुई थीं। लेकिन अब सरकार सभी एसिड पीड़िताओं को मदद देगी, उनका निशुल्क इलाज होगा और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
इस बाबत शासन से जिला प्रशासन को पत्र मिल चुका है। लेकिन संवेदनहीनता का आलम यह है कि यहां सरकारी आंकड़ों में अभी तक एसिड अटैक का कोई केस अस्तित्व में नहीं आया है। जबकि हकीकत इससे परे है।
केस- 01
आज भी जिंदा है जख्म
रिसिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी रेखा (परिवर्तित नाम) को उसका ममेरा भाई एक तरफा प्यार करता था। रेखा उस प्यार को भाई-बहन के बीच मजबूत रिश्ता समझती थी। एक दिन प्रेेमी ने मौका पाकर अपने प्यार का इजहार किया, लेकिन रेखा ने इंकार कर दिया। तंग करने पर घर वालों से शिकायत करने की चेतावनी भी दी।
एक दिन रेखा कुछ सामान की खरीदारी करने के लिए बाजार गई हुई थी, इसी बीच एक तरफा प्यार में पागल प्रेमी ने रेखा पर तेजाब से हमला कर दिया। हमले में रेखा झुलस गई। रेखा के दिलो-दिमाग पर आज भी तेजाब के जख्म जिंदा है।
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केस- 02
लावारिस हो गया बालक
डेढ़ वर्ष पूर्व नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पत्नी का गांव के युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिन बाद महिला अपने प्रेमी संग नेपाल फरार हो गई। लेकिन प्रेमी की प्रताड़ना से तंग आकर सुलह-समझौता के बाद वह अपने पति के घर लौट आयी। एक रात दंपती व उसका आठ वर्षीय बेटा चारपाई पर सो रहे थे, तभी प्रेमी वहां आ धमका। उसने प्रेमिका को सबक सिखाने के लिए दंपती व उसके बेटे पर तेजाब उड़ेल दिया।
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इससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गए। तीन दिन के इलाज के बाद महिला की मौत हो गई। वहीं ग्रामीण ने पांच दिन पूर्व इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। एसिड अटैक से बेटे का चेहरा बुरी तरह बिगड़ चुका है। लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।

केस- 03
वर्ष 2011 में विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी कक्षा आठ की छात्रा पर उसके एकतरफा प्यार में पागल प्रेमी ने तेजाब से हमला कर दिया था। उस वक्त वह स्कूल से घर लौट रही थी। इसके बाद प्रेमी ने गोंडा के कौड़िया निवासी तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर छात्रा को जिंदा जला दिया था। इस मामले में भी अभी तक पीड़ित परिवार को कोई सहायता नहीं मिली हैै।


नहीं मिला कोई केस
जिले में एसिड अटैक के मामले सामने नहीं आए हैं। विभाग को भी ऐसी कोई जानकारी नहीं है। यदि कहीं कोई मामला है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक लाभ व इलाज मुहैय्या कराया जाएगा। -संजय यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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