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Bahraich News: पारले चीनी मिल के केमिस्ट ने फंदे से लटक कर दी जान

Sat, 25 Oct 2025 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sat, 25 Oct 2025 01:34 AM IST
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Chemist of Parle Sugar Mill commits suicide by hanging himself
फखरपुर। परसेंडी पारले चीनी मिल में काम करने वाले एक युवक ने मिल परिसर स्थित अपने कमरे में फंदे पर लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। घटना तब सामने आई जब दो दिन तक युवक का कमरा अंदर से बंद रहने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर गए। आशंका जताई जा रही है कि दीपावली मनाकर घर से लौटने के दिन ही उसने अपनी जान दे दी थी।
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श्रावस्ती जिले के चेतियापुर गिलौला रायपुर निवासी विवेक सिंह (26) पुत्र विजय प्रताप सिंह पारले चीनी मिल में केमिस्ट के पद पर कार्यरत था। बृहस्पतिवार की शाम को परिजनों को चीनी मिल के कर्मचारियों ने मोबाइल पर सूचना दी कि विवेक का कमरा अंदर से बंद है और कमरे से दुर्गंध आ रही है।
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सूचना मिलते ही देर रात परिवार के लोग चीनी मिल पहुंचे। फखरपुर थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, जहां विवेक सिंह का शव पंखे से गमछे के सहारे लटकता हुआ मिला।
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थानाध्यक्ष ब्रह्मा गोंड ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन मौत को संदिग्ध मान रहे हैं। ऐसे में सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


कमरे में एक सुसाइड नोट
थानाध्यक्ष ने कहा कि कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। नोट में लिखा है कि, पापा कुछ बातें मैं आपसे शेयर नहीं कर पाता था तो मां को बता देता था, लेकिन अब मां भी नहीं हैं। मेरे पर्स में 3500 रुपये नकदी और सोने की चेन और अंगूठी है, उसे मेरे साथ ही जला देना। कुछ बातें सबसे कहने लायक नहीं होती, ऐसे में वह बातें भी मेरे साथ ही खत्म हो जाएंगी। सुसाइड नोट के अर्थ तलाशे जा रहे हैं।



मां की मौत के बाद से गुमसुम रहता था विवेक
परिवार के लोग बता रहे हैं कि विवेक सिंह की मां की साल भर पहले मौत हो चुकी थी। मां के निधन के बाद से वह काफी उदास और गुमसुम रहने लगा था। चचेरे भाई तेजप्रताप सिंह ने बताया कि दीपावली के दूसरे दिन ही जब वह ड्यूटी पर आने के लिए घर से निकले तो परिजनों ने रोका भी, लेकिन जरूरी काम होने की बात कहकर चला आया।
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