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आठ साल बाद माता-पिता को मिला मासूम
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 14 Oct 2015 10:21 PM IST
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नानपारा (बहराइच)। श्रावस्ती जनपद के जमुनहा निवासी एक सात साल का मासूम आठ साल पहले चाचा के साथ लुधियाना गया। लेकिन वहां खो गया, अब उसकी उम्र 15 साल हो चुकी है। वहां उसे एक गुरुद्वारे में रख लिया गया था।
नानपारा के गुरुद्वारे के प्रबंधक ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से उसे बहराइच बुलाया। जहां माता-पिता उससे मिले तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
श्रावस्ती जनपद के मल्हीपुर थाना अंतर्गत जमुनहा बाजार निवासी सात साल का प्रभु अपने चाचा परशुराम के साथ आठ साल पहले पंजाब के लुधियाना घूमने गया था। यहां पर वह चाचा से बिछड़ गया।
बिछड़ने के बाद उसे एक केवट ने ले जाकर लुधियाना के गुरुद्वारे में सौंप दिया। जहां के प्रबंधक ने आठ साल पहले ही सभी गुरुद्वारों को उसकी फोटो भेजी थी। जिले के गुरुद्वारे में भी उसकी फोटो भेेजी गई थी।
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नानपारा के गुरुद्वारे के प्रबंधक रंजीत सिंह को भी उसकी फोटो मिली थी। जिस पर उसकी खोजबीन शुरू की गई। उसकी पहचान होने पर रंजीत ने पिता चेतराम व उसकी मां राजकुमारी से संपर्क किया। इसके बाद चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। चाइल्ड लाइन व गुरुद्वारे के प्रबंधक के सहयोग से उसे बहराइच लाया गया।
आठ साल बाद उसकी आयु पंद्रह वर्ष हो गई थी। माता-पिता से मिलने पर वह अपने को रोने से रोक नहीं पाया। उसके मां-बाप भी फूट-फूटकर रोने लगे। चाइल्ड लाइन के मनीष कुमार ने बताया कि किशोर को बाल संरक्षण समिति के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद उसे परिवार को सौंप दिया जाएगा।
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नानपारा के गुरुद्वारे के प्रबंधक ने चाइल्ड लाइन के सहयोग से उसे बहराइच बुलाया। जहां माता-पिता उससे मिले तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
श्रावस्ती जनपद के मल्हीपुर थाना अंतर्गत जमुनहा बाजार निवासी सात साल का प्रभु अपने चाचा परशुराम के साथ आठ साल पहले पंजाब के लुधियाना घूमने गया था। यहां पर वह चाचा से बिछड़ गया।
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बिछड़ने के बाद उसे एक केवट ने ले जाकर लुधियाना के गुरुद्वारे में सौंप दिया। जहां के प्रबंधक ने आठ साल पहले ही सभी गुरुद्वारों को उसकी फोटो भेजी थी। जिले के गुरुद्वारे में भी उसकी फोटो भेेजी गई थी।
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नानपारा के गुरुद्वारे के प्रबंधक रंजीत सिंह को भी उसकी फोटो मिली थी। जिस पर उसकी खोजबीन शुरू की गई। उसकी पहचान होने पर रंजीत ने पिता चेतराम व उसकी मां राजकुमारी से संपर्क किया। इसके बाद चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। चाइल्ड लाइन व गुरुद्वारे के प्रबंधक के सहयोग से उसे बहराइच लाया गया।
आठ साल बाद उसकी आयु पंद्रह वर्ष हो गई थी। माता-पिता से मिलने पर वह अपने को रोने से रोक नहीं पाया। उसके मां-बाप भी फूट-फूटकर रोने लगे। चाइल्ड लाइन के मनीष कुमार ने बताया कि किशोर को बाल संरक्षण समिति के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद उसे परिवार को सौंप दिया जाएगा।