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31 नेस्ट खुले, 154 नन्हें घड़ियालों ने खोलीं आंखें
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बहराइच। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र से होकर बहने वाली गेरुआ नदी के टापू पर घड़ियालों के 31 नेस्ट खुले हैं। इन नेस्ट से 154 नन्हे घड़ियाल निकले हैं। सभी नदी में चले गये। अभी और नेस्ट खुलने पर इनकी संख्या में वृद्धि होगी। घड़ियालों के निकलने से वन विभाग के लोग गदगद हैं।
551 किमी. में फैले कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र में गेरुआ नदी बहती है। गेरुआ नदी घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन का कुनबा बढ़ाने के लिए मुफीद मानी जाती है। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि जून माह के प्रथम सप्ताह से नेस्ट खुलने की शुरुआत हो जाती है। अभी तक घड़ियालों के 31 नेस्ट ने खुले हैं, जिनमें से 154 नन्हें घड़ियाल निकले हैं।
इन्हें गेरुआ नदी में सुरक्षित छोड़ा गया है। घड़ियालों के साथ नन्हें घड़ियाल भी नदी में तैरनेे लगे हैं। डीएफओ ने बताया कि घड़ियालों और मगरमच्छों के प्रजनन की स्थिति लगभग एक जैसी होती है। दोनों जलीय जीव हैं। डीएफओ ने बताया कि एक घड़ियाल नेस्ट में 35 से 50 अंडे सहेजता है।
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551 किमी. में फैले कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र में गेरुआ नदी बहती है। गेरुआ नदी घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन का कुनबा बढ़ाने के लिए मुफीद मानी जाती है। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि जून माह के प्रथम सप्ताह से नेस्ट खुलने की शुरुआत हो जाती है। अभी तक घड़ियालों के 31 नेस्ट ने खुले हैं, जिनमें से 154 नन्हें घड़ियाल निकले हैं।
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इन्हें गेरुआ नदी में सुरक्षित छोड़ा गया है। घड़ियालों के साथ नन्हें घड़ियाल भी नदी में तैरनेे लगे हैं। डीएफओ ने बताया कि घड़ियालों और मगरमच्छों के प्रजनन की स्थिति लगभग एक जैसी होती है। दोनों जलीय जीव हैं। डीएफओ ने बताया कि एक घड़ियाल नेस्ट में 35 से 50 अंडे सहेजता है।
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