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हो रही थी बमबारी, लगा जिंदगी खत्म

Thu, 03 Mar 2022 10:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 10:35 PM IST
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जरवलरोड (बहराइच)। अचानक यूक्रेन सरकार ने अलर्ट जारी करते हुए सभी को अपने आसपास बने बंकरों में छुपने की एडवाइजरी जारी कर दी। सभी लोग सकते में आ गए। इसी बीच चार लोगों ने मिलकर तय किया कि यहां से निकलना ही होगा। एक कार किराये पर लेकर जोसिन चेक प्वाइंट पोलैंड बॉर्डर के लिए निकला गया। रास्ते में फाइटर विमान से बमबारी हो रही थी। बमबारी देखकर लगा कि यह जिंदगी का आखिरी सफर है। यह दर्दभरी दास्तान यूक्रेन से वतन लौटे शिवेंद्र ने सुनाई।
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जरवलरोड थाना क्षेत्र के ग्राम सपसा दिकोलिया निवासी 23 वर्षीय शिवेंद्र प्रताप सिंह पुत्र मनोज सिंह चार साल पहले यूक्रेन की राजधानी कीव में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। हाल ही में वह अपनी बहन की शादी में शामिल होने घर आए थे। युद्ध शुरू होने के दो-चार दिन पहले ही वह यूक्रेन लौटे थे। शिवेंद्र ने बताया कि यूक्रेन में सभी इमारतों में बंकर बने हुए हैं। सभी लोग इन्हीं बंकरों में छिप गए। लगातार भूख प्यास से बेहाल जीवन को बचाना मुश्किल हो गया। ऐसे में चार अन्य छात्रों के साथ 24 फरवरी को कीव शहर छोड़ने का फैसला सही लगा। एक कार का सहारा लेकर लगातार छह सौ किलोमीटर सफर तय करने के बाद जोसिन चेक प्वाइंट पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचना बड़ी चुनौती था।
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छात्र ने बताया कि रास्ते में कार के ऊपर से फाइटर प्लेन भी उड़ रहे थे जो बराबर बमबारी भी कर रहे थे। एक समय लगा कि अब जिंदगी बचाना मुश्किल होगा। रात होने पर रास्ते मे मिले एक जंगल में लाइट बंद कर अंधेर में पूरी रात गुजारी। लगातार तीन दिनों तक सफर तय करने के बाद पोलैंड की सीमा के करीब पहुंचे जहां से बॉर्डर की दूरी लगभग 10 किलोमीटर थी। हम लोगों को पैदल चलकर ही यह दूरी तय करनी थी। पैदल चलने के दौरान बर्फबारी हो रही थी। हम लोगों के पास पर्याप्त कपड़े भी नहीं थे। कठिनाइयों का सामना करते हुए किसी तरह पोलैंड पहुंचे जहां भारतीय मूल के उद्योगपति अमित गर्ग से मुलाकात हुई। उसके बाद जनरल वीके सिंह ने हमें सकुशल अपने वतन पहुंचाने का काम किया। संवाद
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शिवेंद्र परिवार से लगातार संपर्क में बने रहे, लेकिन फोन की बैटरी खत्म हो जाने के कारण परिजनों से संपर्क टूट गया। लगातार फोन बंद होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दो दिन पहले छात्र द्वारा मोबाइल पर जनरल वीके सिंह व उद्योगपति अमित गर्ग के साथ फोटो साझाकर सुरक्षित होने का संदेश दिया गया तब जाकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
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