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सायरन बजते ही बंकरों में छिपना पड़ रहा
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बहराइच/जरवल। यूक्रेन में भारत से जाकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की खासी तादाद है। इसमें जिले के भी छात्र-छात्राएं शामिल हैं। जिले के कई छात्र भी वहां फंस गए हैं। वहां फंसे छात्र परिजनों को फोन पर पल-पल की जानकारी दे रहे हैं। परिजन अपने बच्चों की सलामती की दुआ करते हुए भारत सरकार से शीघ्र ही उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की मांग कर रहे हैं।
शहर के मोहल्ला डिगिहा निवासी विशेषांक मिश्रा अपनी चचेरी बहन के साथ यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बीते जनवरी माह में बहन घर आ गईं, लेकिन विशेषांक वहीं फंसे हैं। उनके पिता अखिलेश ने बताया कि विशेषांक बीते चार वर्ष से यूक्रेन के डिनीप्रोपेटोवस्क शहर में पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार रात उन्होंने फोन पर रोते हुए बताया कि यूक्रेन में एयरबेस खराब हो चुके हैं। रूस के सैनिक डिनीप्रोपेटोवस्क शहर में प्रवेश कर चुके हैं। लगातार हमले किए जा रहे हैं। ऐसे में परिवार के सभी लोग बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। उधर, जरवल निवासी अभय यादव पुत्र डॉ. बाबूराम यादव भी यूक्रेन के जफरिया स्टेट में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
वहां से अभय ने परिजनों को फोन पर बताया कि रूस की ओर से लगातार हमले जारी हैं। सायरन बजते ही सभी लोगों को फ्लैट के नीचे बने बंकरों में छिपना पड़ रहा है। इसी तरह जरवल के ग्राम सपसा दिकौलिया निवासी शिवेंद्र सिंह पुत्र मनोज कुमार सिंह भी यूक्रेन में फंसे हैं। उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि वह अपने कुछ साथियों समेत भागकर पोलैंड सीमा पर आ गए हैं। वहां खाने-पीने की समस्या से सभी छात्रों को जूझना पड़ रहा है। सभी परिजन अपने बच्चों की सलामती की दुआ करने के साथ ही भारत सरकार से उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की मांग कर रहे हैं।
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शहर के मोहल्ला डिगिहा निवासी विशेषांक मिश्रा अपनी चचेरी बहन के साथ यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बीते जनवरी माह में बहन घर आ गईं, लेकिन विशेषांक वहीं फंसे हैं। उनके पिता अखिलेश ने बताया कि विशेषांक बीते चार वर्ष से यूक्रेन के डिनीप्रोपेटोवस्क शहर में पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार रात उन्होंने फोन पर रोते हुए बताया कि यूक्रेन में एयरबेस खराब हो चुके हैं। रूस के सैनिक डिनीप्रोपेटोवस्क शहर में प्रवेश कर चुके हैं। लगातार हमले किए जा रहे हैं। ऐसे में परिवार के सभी लोग बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। उधर, जरवल निवासी अभय यादव पुत्र डॉ. बाबूराम यादव भी यूक्रेन के जफरिया स्टेट में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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वहां से अभय ने परिजनों को फोन पर बताया कि रूस की ओर से लगातार हमले जारी हैं। सायरन बजते ही सभी लोगों को फ्लैट के नीचे बने बंकरों में छिपना पड़ रहा है। इसी तरह जरवल के ग्राम सपसा दिकौलिया निवासी शिवेंद्र सिंह पुत्र मनोज कुमार सिंह भी यूक्रेन में फंसे हैं। उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि वह अपने कुछ साथियों समेत भागकर पोलैंड सीमा पर आ गए हैं। वहां खाने-पीने की समस्या से सभी छात्रों को जूझना पड़ रहा है। सभी परिजन अपने बच्चों की सलामती की दुआ करने के साथ ही भारत सरकार से उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की मांग कर रहे हैं।
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