फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bahraich

किसानों के अरमान बहा ले गई बाढ़

Wed, 27 Oct 2021 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
bahraich
महसी (बहराइच)। महज 15 दिन पहले तक किसानों की जिंदगी से लेकर अरमान तक सब कुछ हरा-भरा था। खेत में लहलहाती फसल देखकर किसानों ने बेटियों की शादी करने के अरमान पाल रखे थे। कई ने बेटे को शहर भेजकर अच्छी पढ़ाई करवाने का सपना भी संजोया, लेकिन अचानक हुई मूसलाधार बारिश व बाढ़ ने 65 गांवों के किसानों के अरमान धो दिए। अब किसानों के माथे पर बेटी की शादी से लेकर आगे की जिंदगी तक की चिंता साफ दिख रही है। बाढ़ में सब कुछ खो चुके किसान अब पूरी तरह बेबस हैं।
विज्ञापन

महसी तहसील का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। साल दर साल आने वाली बाढ़ में तहसील क्षेत्र के मैकूपुरवा, छेदीपुरवा, भीठ, अंगरौरा दुबहा, मंगलपुरवा, पंचदेवरी, मांझादरिया बुर्द, गरेठी गुरुदत्तसिंह, गोलागंज, नगेसरपुरवा, धनावा, बहदुरिया, रामसहापुरवा, कोटिया, तुरंतीपुरवा, भौंरी, सिपहिया हुलास व सिलौटा समेत 65 गांव बाढ़ का दंश झेलते हैं। इन गांवों के बाशिंदों की घर-गृहस्थी के साथ-साथ फसलें तबाह हो जाती हैं। इस बार जून से सितंबर के बीच घाघरा थोड़ी शांत रही। लोगों को भीषण बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ा। किसानों ने जमकर खेती की।
विज्ञापन

नतीजा यह हुआ कि धान की फसलें लहलहा उठीं। किसान भी लहलहाती फसलों को देख फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन पहले झमाझम बारिश फिर बेमौसम आई बाढ़ ने तटवर्ती किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेतों में पक कर कटने के लिए तैयार खड़ी फसलें बाढ़ से तबाह हो र्गइं। इतना ही नहीं गेहूं, जौ, आलू, चना, मसूर, मटर व सरसों की फसल की बोआई के लिए तैयार खेत भी बाढ़ में डूब गए हैं। किसानों का सब कुछ बाढ़ में बह गया है। वहीं, जिला प्रशासन हर संभव मदद करने का आश्वासन दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हम किसान के खेत में लहलहाती फसल के सिवा कुछ नहीं होता है। ढाई बीघा जमीन पर खेती की थी। फसल तैयार भी हो गई थी। परिवार के साथ फसल को कुछ दिन में काटने को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन उससे पहले सब खत्म हो गया।
किशोर, बौंडी खास
जीवन यापन करने के लिए पट्टे पर 12 बीघा जमीन मिली थी। फसल बोइ थी। इस बार फसल भी अच्छी हुई थी, लेकिन बाढ़ के पानी में सब कुछ बह गया। घर के खर्चे चलाने के भी लाले पड़ रहे हैं। अब आगे ईश्वर की जो मर्जी।
सहजराम, सिलौटा गांव
खेत में फसल लहलहा रही थी। सोचा था कि इस बार फसल अच्छी हुई है। आगे चलकर बेटी की शादी कर एक जिम्मेदारी को कम करूंगा, लेकिन ऊपर वाले को यह मंजूर नहीं था। बाढ़ के पानी में छह बीघा फसल बह गई।

किसान दयाशंकर त्रिवेदी, बौंडी
बाढ़ प्राभवित गांवों में राजस्वकर्मी फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। तहसील प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहा है। लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
-एसएन त्रिपाठी, एसडीएम, महसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed