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किसानों के अरमान बहा ले गई बाढ़
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महसी (बहराइच)। महज 15 दिन पहले तक किसानों की जिंदगी से लेकर अरमान तक सब कुछ हरा-भरा था। खेत में लहलहाती फसल देखकर किसानों ने बेटियों की शादी करने के अरमान पाल रखे थे। कई ने बेटे को शहर भेजकर अच्छी पढ़ाई करवाने का सपना भी संजोया, लेकिन अचानक हुई मूसलाधार बारिश व बाढ़ ने 65 गांवों के किसानों के अरमान धो दिए। अब किसानों के माथे पर बेटी की शादी से लेकर आगे की जिंदगी तक की चिंता साफ दिख रही है। बाढ़ में सब कुछ खो चुके किसान अब पूरी तरह बेबस हैं।
महसी तहसील का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। साल दर साल आने वाली बाढ़ में तहसील क्षेत्र के मैकूपुरवा, छेदीपुरवा, भीठ, अंगरौरा दुबहा, मंगलपुरवा, पंचदेवरी, मांझादरिया बुर्द, गरेठी गुरुदत्तसिंह, गोलागंज, नगेसरपुरवा, धनावा, बहदुरिया, रामसहापुरवा, कोटिया, तुरंतीपुरवा, भौंरी, सिपहिया हुलास व सिलौटा समेत 65 गांव बाढ़ का दंश झेलते हैं। इन गांवों के बाशिंदों की घर-गृहस्थी के साथ-साथ फसलें तबाह हो जाती हैं। इस बार जून से सितंबर के बीच घाघरा थोड़ी शांत रही। लोगों को भीषण बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ा। किसानों ने जमकर खेती की।
नतीजा यह हुआ कि धान की फसलें लहलहा उठीं। किसान भी लहलहाती फसलों को देख फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन पहले झमाझम बारिश फिर बेमौसम आई बाढ़ ने तटवर्ती किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेतों में पक कर कटने के लिए तैयार खड़ी फसलें बाढ़ से तबाह हो र्गइं। इतना ही नहीं गेहूं, जौ, आलू, चना, मसूर, मटर व सरसों की फसल की बोआई के लिए तैयार खेत भी बाढ़ में डूब गए हैं। किसानों का सब कुछ बाढ़ में बह गया है। वहीं, जिला प्रशासन हर संभव मदद करने का आश्वासन दे रहा है।
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हम किसान के खेत में लहलहाती फसल के सिवा कुछ नहीं होता है। ढाई बीघा जमीन पर खेती की थी। फसल तैयार भी हो गई थी। परिवार के साथ फसल को कुछ दिन में काटने को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन उससे पहले सब खत्म हो गया।
किशोर, बौंडी खास
जीवन यापन करने के लिए पट्टे पर 12 बीघा जमीन मिली थी। फसल बोइ थी। इस बार फसल भी अच्छी हुई थी, लेकिन बाढ़ के पानी में सब कुछ बह गया। घर के खर्चे चलाने के भी लाले पड़ रहे हैं। अब आगे ईश्वर की जो मर्जी।
सहजराम, सिलौटा गांव
खेत में फसल लहलहा रही थी। सोचा था कि इस बार फसल अच्छी हुई है। आगे चलकर बेटी की शादी कर एक जिम्मेदारी को कम करूंगा, लेकिन ऊपर वाले को यह मंजूर नहीं था। बाढ़ के पानी में छह बीघा फसल बह गई।
किसान दयाशंकर त्रिवेदी, बौंडी
बाढ़ प्राभवित गांवों में राजस्वकर्मी फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। तहसील प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहा है। लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
-एसएन त्रिपाठी, एसडीएम, महसी
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महसी तहसील का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। साल दर साल आने वाली बाढ़ में तहसील क्षेत्र के मैकूपुरवा, छेदीपुरवा, भीठ, अंगरौरा दुबहा, मंगलपुरवा, पंचदेवरी, मांझादरिया बुर्द, गरेठी गुरुदत्तसिंह, गोलागंज, नगेसरपुरवा, धनावा, बहदुरिया, रामसहापुरवा, कोटिया, तुरंतीपुरवा, भौंरी, सिपहिया हुलास व सिलौटा समेत 65 गांव बाढ़ का दंश झेलते हैं। इन गांवों के बाशिंदों की घर-गृहस्थी के साथ-साथ फसलें तबाह हो जाती हैं। इस बार जून से सितंबर के बीच घाघरा थोड़ी शांत रही। लोगों को भीषण बाढ़ का सामना नहीं करना पड़ा। किसानों ने जमकर खेती की।
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नतीजा यह हुआ कि धान की फसलें लहलहा उठीं। किसान भी लहलहाती फसलों को देख फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन पहले झमाझम बारिश फिर बेमौसम आई बाढ़ ने तटवर्ती किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेतों में पक कर कटने के लिए तैयार खड़ी फसलें बाढ़ से तबाह हो र्गइं। इतना ही नहीं गेहूं, जौ, आलू, चना, मसूर, मटर व सरसों की फसल की बोआई के लिए तैयार खेत भी बाढ़ में डूब गए हैं। किसानों का सब कुछ बाढ़ में बह गया है। वहीं, जिला प्रशासन हर संभव मदद करने का आश्वासन दे रहा है।
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हम किसान के खेत में लहलहाती फसल के सिवा कुछ नहीं होता है। ढाई बीघा जमीन पर खेती की थी। फसल तैयार भी हो गई थी। परिवार के साथ फसल को कुछ दिन में काटने को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन उससे पहले सब खत्म हो गया।
किशोर, बौंडी खास
जीवन यापन करने के लिए पट्टे पर 12 बीघा जमीन मिली थी। फसल बोइ थी। इस बार फसल भी अच्छी हुई थी, लेकिन बाढ़ के पानी में सब कुछ बह गया। घर के खर्चे चलाने के भी लाले पड़ रहे हैं। अब आगे ईश्वर की जो मर्जी।
सहजराम, सिलौटा गांव
खेत में फसल लहलहा रही थी। सोचा था कि इस बार फसल अच्छी हुई है। आगे चलकर बेटी की शादी कर एक जिम्मेदारी को कम करूंगा, लेकिन ऊपर वाले को यह मंजूर नहीं था। बाढ़ के पानी में छह बीघा फसल बह गई।
किसान दयाशंकर त्रिवेदी, बौंडी
बाढ़ प्राभवित गांवों में राजस्वकर्मी फसल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं। तहसील प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर रहा है। लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
-एसएन त्रिपाठी, एसडीएम, महसी