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गणपति बप्पा के स्वागत में सजे घर-द्वार, पधारो हे गजानन हमरे आंगन की लगी पुकार
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09 बीएचआर 36 - बहराइच में गुरुवार को घर में गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा की स्थापना कर पूजा करतीं श्रद्धाल
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष के साथ शुक्रवार को घर-घर गजानन पधारेंगे। गजानन के स्वागत के लिए घर-द्वार सजकर तैयार हो गए हैं। कहीं पर एक दिन तो कहीं पर 10 दिन गणपति बप्पा की सेवा होगी। शुभ मुहूर्त में गजानन विराजमान होंगे। कोरोना काल के कारण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। श्रद्धालु घरों में ही पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। घर में गजानन की स्थापना के लिए बृहस्पतिवार को खरीदारी को लेकर बाजार में देर रात तक रौनक छाई रही। श्रद्धा और उत्साह के साथ आज से गणेश पूजा महोत्सव मनाया जाएगा।
सनातन धर्म के पंच देवों में श्रीहरि, शिव, सूर्य, दुर्गा के पहले बुद्धि, ज्ञान और विवेक के प्रतीक श्रीगणेश को स्थान दिया गया है। गणेश चतुर्थी से विनायक की विशेष आराधना शुरू होगी। गजानन के आगमन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। घर में महिलाएं प्रसाद के लिए मोदक और लड्डू तैयार कर रही हैं। कोरोना काल के कारण पंडाल सजाने की अनुमति नहीं दी गई है तो श्रद्धालुओं ने घरों में तैयारियां शुरू कर दी है। आज से घर-घर गणपति बप्पा विराजमान होंगे। इनके स्वागत के लिए झांकियां तैयार की जा रही है।
गुरुवार की देर शाम के शहर के घंटाघर, पीपल चौराहा, अग्रसेन चौक व अस्पताल चौराहे पर गणपति की मूर्ति खरीदने को लेकर रौनक छाई रही। शुक्रवार से गजानन घर-घर में विराजमान होंगे और श्रद्धालुओं के कष्टों को दूर करेंगे। 10 दिन के गणेश चतुर्थी को मनाने के लिए श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह और श्रद्धा नजर आ रही है। वहीं मूर्तिकार भी दो से चार फुट की ही मूर्ति तैयार करके अंतिम रूप देने में जुटे रहे। सिद्धनाथ मंदिर के महामंडलेश्वर रविगिरी जी महराज ने बताया कि गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त शाम साढ़े चार बजे से रात आठ बजे तक है।
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सनातन धर्म के पंच देवों में श्रीहरि, शिव, सूर्य, दुर्गा के पहले बुद्धि, ज्ञान और विवेक के प्रतीक श्रीगणेश को स्थान दिया गया है। गणेश चतुर्थी से विनायक की विशेष आराधना शुरू होगी। गजानन के आगमन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। घर में महिलाएं प्रसाद के लिए मोदक और लड्डू तैयार कर रही हैं। कोरोना काल के कारण पंडाल सजाने की अनुमति नहीं दी गई है तो श्रद्धालुओं ने घरों में तैयारियां शुरू कर दी है। आज से घर-घर गणपति बप्पा विराजमान होंगे। इनके स्वागत के लिए झांकियां तैयार की जा रही है।
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गुरुवार की देर शाम के शहर के घंटाघर, पीपल चौराहा, अग्रसेन चौक व अस्पताल चौराहे पर गणपति की मूर्ति खरीदने को लेकर रौनक छाई रही। शुक्रवार से गजानन घर-घर में विराजमान होंगे और श्रद्धालुओं के कष्टों को दूर करेंगे। 10 दिन के गणेश चतुर्थी को मनाने के लिए श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह और श्रद्धा नजर आ रही है। वहीं मूर्तिकार भी दो से चार फुट की ही मूर्ति तैयार करके अंतिम रूप देने में जुटे रहे। सिद्धनाथ मंदिर के महामंडलेश्वर रविगिरी जी महराज ने बताया कि गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त शाम साढ़े चार बजे से रात आठ बजे तक है।
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