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अब घर के पास ही ग्रामीणों को मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
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बहराइच। शासन ने जिले को 296 उप स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात दी है। इनका संचालन ग्रामीण क्षेत्र में किया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को घर के निकट ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकेंगी। जब तक सरकारी भवन का निर्माण नहीं होगा, तब तक उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन किराये के मकान में किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। गांवों में ही उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होने से टीकाकरण, दवा वितरण, शिविर आदि संचालित किया जा सकेगा। प्रत्येक उपकेंद्र पर एक एएनएम की तैनाती भी की जाएगी।
जिले के आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं घर के पास मिल सके, इसके लिए सरकार ने तोहफा दिया है। जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होगा। सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करने का निर्देश सीएमओ को दिया है। सरकार के इस योजना से दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को इलाज में सुविधा मिलेगी। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
सीएमओ डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि आबादी के हिसाब से सरकार ने पूरे प्रदेश में पांच हजार उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इनमें बहराइच जिले को सर्वाधिक 296 उपकेंद्र मिले हैं। सीएमओ ने बताया कि इस योजना से गांव के लोगों को एक किलोमीटर के दायरे में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि 296 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनने से इनकी कुल संख्या 606 हो जाएगी।
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एनएचएम के डीसीपीएम मोहम्मद राशिद ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में उप स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 310 है। यह केंद्र जिले की 40 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से आच्छादित करती है। आबादी के हिसाब से एक उप स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 13 हजार की आबादी का भार है। इसको देखते हुए शासन ने जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को हरी झंडी दी है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा व सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन ग्राम पंचायत की जमीन पर होगा। जब तक जमीन नहीं मिलेगी, तब तक इसका संचालन किराये के मकान में होगा। अपना भवन मिलने के बाद डिलेवरी प्वाइंट, हेल्थ वेलनेस सेंटर में तब्दील हो जाएगा।
शासन ने जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इसके लिए कार्य योजना शुरू कर दी गई है। प्रत्येक उपकेंद्र पर एक-एक एएनएम की तैनाती होगी। जिससे टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, परिवार कल्याण, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु देखभाल कार्य का संचालन बेहतर हो सकेगा।
-डॉ. एसके सिंह सीएमओ
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जिले के आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं घर के पास मिल सके, इसके लिए सरकार ने तोहफा दिया है। जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होगा। सरकार ने उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करने का निर्देश सीएमओ को दिया है। सरकार के इस योजना से दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को इलाज में सुविधा मिलेगी। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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सीएमओ डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि आबादी के हिसाब से सरकार ने पूरे प्रदेश में पांच हजार उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इनमें बहराइच जिले को सर्वाधिक 296 उपकेंद्र मिले हैं। सीएमओ ने बताया कि इस योजना से गांव के लोगों को एक किलोमीटर के दायरे में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि 296 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनने से इनकी कुल संख्या 606 हो जाएगी।
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एनएचएम के डीसीपीएम मोहम्मद राशिद ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में उप स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 310 है। यह केंद्र जिले की 40 लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से आच्छादित करती है। आबादी के हिसाब से एक उप स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 13 हजार की आबादी का भार है। इसको देखते हुए शासन ने जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को हरी झंडी दी है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा व सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन ग्राम पंचायत की जमीन पर होगा। जब तक जमीन नहीं मिलेगी, तब तक इसका संचालन किराये के मकान में होगा। अपना भवन मिलने के बाद डिलेवरी प्वाइंट, हेल्थ वेलनेस सेंटर में तब्दील हो जाएगा।
शासन ने जिले में 296 नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण को हरी झंडी दी है। इसके लिए कार्य योजना शुरू कर दी गई है। प्रत्येक उपकेंद्र पर एक-एक एएनएम की तैनाती होगी। जिससे टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, परिवार कल्याण, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु देखभाल कार्य का संचालन बेहतर हो सकेगा।
-डॉ. एसके सिंह सीएमओ