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जलाभिषेक के लिए शिवालयों में भोर से ही उमड़ने लगा श्रद्धालुओं का सैलाब
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26 बीएचआर 08 - बहराइच में सावन माह पहले सोमवार को सिद्धनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। सावन माह के पहले सोमवार को जिले के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बम-बम भोले व हर-हर महादेव के उद्घोष से दिनभर मंदिर गूंजते रहे। भोर से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का दौर शुरू हो गया जो देर रात तक चलता रहा। सुरक्षा-व्यवस्था के लिए हर मंदिर व चौराहे पर पुलिस मुस्तैद रही। एएसपी नगर व ग्रामीण भ्रमण कर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लेते रहे। श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए जलाभिषेक कर सुख-शांति की कामना की।
सावन माह के पहले सोमवार पर शहर के पांडवकालीन सिद्धनाथ मंदिर में पूजन की शुरुआत महामंडलेश्वर रवि गिरी जी महराज ने भगवान शिव का अभिषेक एवं श्रृंगार कर किया। भोर तीन बजते ही मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। शिवालयों में बम-बम बोल रहा है काशी, हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। कोरोना काल के कारण किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर जलाभिषेक की अनुमति नहीं दी गई। बाहर से श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर आशीर्वाद मांगा। महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरीकेडिंग कराई गई थी जिससे किसी श्रद्धालु को समस्या न हो। मटेरा क्षेत्र के पांडवकालीन जंगलीनाथ शिवमंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया। बोल-बम के जयकारे भी मंदिर परिसर में गूंजते रहे।
महसी के सागरनाथ शिवमंदिर, प्रसन्ननाथ शिव मंदिर, पयागपुर क्षेत्र के बाबा बागेश्वर नाथ, सोमनाथ, झारखंडी व पंचायती मंदिर में देर शाम तक जलाभिषेक होता रहा। सुरक्षा के मद्देनजर एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह व एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार भ्रमण करते रहे। जिले में सावन माह के पहले सोमवार को भोलेनाथ के जयकारों की गूंज रही। नवाबगंज के मंगलीनाथ मंदिर में राप्ती नदी से जल लेकर बहराइच व श्रावस्ती जनपद के साथ नेपाल के भी शिवभक्तों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव व बोल बम के जयकारों से शिवालय गूंजते रहे।
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जिले के सरयू नदी के तट पर पुलिस व गोताखोरों की टीम सुरक्षा के लिए मुस्तैद रही। बहराइच कोतवाली देहात के मरीमाता मंदिर, झिंगहाघाट, नवाबगंज के राप्ती नदी, नानपारा के गायघाट स्थित सरयू तट आदि पर टीमें नजर बनाए हुए थीं। वहीं, नवाबगंज के राप्ती नदी के तट पर भी पुलिस मुस्तैद रही।
सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का श्रृंगार किया गया जो काफी मनमोहक रहा। महामंडलेश्वर रवि गिरी महाराज ने भगवान शिव की आरती की।
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सावन माह के पहले सोमवार पर शहर के पांडवकालीन सिद्धनाथ मंदिर में पूजन की शुरुआत महामंडलेश्वर रवि गिरी जी महराज ने भगवान शिव का अभिषेक एवं श्रृंगार कर किया। भोर तीन बजते ही मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। शिवालयों में बम-बम बोल रहा है काशी, हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। कोरोना काल के कारण किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर जलाभिषेक की अनुमति नहीं दी गई। बाहर से श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर आशीर्वाद मांगा। महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरीकेडिंग कराई गई थी जिससे किसी श्रद्धालु को समस्या न हो। मटेरा क्षेत्र के पांडवकालीन जंगलीनाथ शिवमंदिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया। बोल-बम के जयकारे भी मंदिर परिसर में गूंजते रहे।
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महसी के सागरनाथ शिवमंदिर, प्रसन्ननाथ शिव मंदिर, पयागपुर क्षेत्र के बाबा बागेश्वर नाथ, सोमनाथ, झारखंडी व पंचायती मंदिर में देर शाम तक जलाभिषेक होता रहा। सुरक्षा के मद्देनजर एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह व एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार भ्रमण करते रहे। जिले में सावन माह के पहले सोमवार को भोलेनाथ के जयकारों की गूंज रही। नवाबगंज के मंगलीनाथ मंदिर में राप्ती नदी से जल लेकर बहराइच व श्रावस्ती जनपद के साथ नेपाल के भी शिवभक्तों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया। हर-हर महादेव व बोल बम के जयकारों से शिवालय गूंजते रहे।
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जिले के सरयू नदी के तट पर पुलिस व गोताखोरों की टीम सुरक्षा के लिए मुस्तैद रही। बहराइच कोतवाली देहात के मरीमाता मंदिर, झिंगहाघाट, नवाबगंज के राप्ती नदी, नानपारा के गायघाट स्थित सरयू तट आदि पर टीमें नजर बनाए हुए थीं। वहीं, नवाबगंज के राप्ती नदी के तट पर भी पुलिस मुस्तैद रही।
सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का श्रृंगार किया गया जो काफी मनमोहक रहा। महामंडलेश्वर रवि गिरी महाराज ने भगवान शिव की आरती की।