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तराई के मंदिर चोरों के निशाने पर
Bahraich
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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बहराइच। तराई में स्थापित मंदिराें में अष्टधातु की प्रतिमाओं को अरसे से चोरों की नजर लगी हुई है। आए दिन चोर अष्टधातु की प्रतिमाओं पर हाथ साफ कर उसे नेपाल के रास्ते खाड़ी देशों को भेजते हैं। सूत्र बताते हैं कि खाड़ी देशों में अष्टधातु की मांग अधिक है। अब तक जिले के विभिन्न विकास खंडों में स्थापित भगवान की विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं चोरी हो चुकी हैं। इनकी कीमत अरबों में हैं। हालांकि पयागपुर से शनिवार रात चोरी हुई राम-हनुमान की प्रतिमा अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा चोरी मानी जा रही है।
तराई का इलाका धार्मिक आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। इसी क्षेत्र में पांडवकालीन कई अति प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। ऋषि, मुनियों ने भी तपस्या की है। आस्था और श्रद्धा का परिक्षेत्र होने के चलते जिले में विभिन्न स्थानों पर स्थापित मंदिरों में पूर्व में अष्टधातु की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। लेकिन अष्टधातु की मांग विदेशों में विशेषकर खाड़ी देशों में बढ़ने के चलते यह प्रतिमाएं चोरों के निशाने पर आ गई हैं। हुजूरपुर के कटका मंदिर, कैसरगंज के रामजानकी मंदिर, जैता बाजार के रामजानकी मंदिर, हुजूरपुर के भूपानी मंदिर, विशेश्वरगंज के लक्खारामपुर मंदिर, राजा गंगवल के राजघराने के मंदिर से पूर्व में अष्टधातु की बहुमूल्य प्रतिमाओं की चोरी हो चुकी हैं। लेकिन अब तक सिर्फ राजा गंगवल के राजघराने के मंदिर से चोरी हुई प्रतिमा का ही खुलासा हो सका है। पहला मौका है, जब चोरों ने पयागपुर में राजघराने के पत्थर शिवाला मंदिर से एक अरब 60 करोड़ मूल्य की चोरी की वारदात को जिले में अंजाम दिया है। इससे पुलिस महकमा भी सकते में आ गया है।
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तराई का इलाका धार्मिक आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। इसी क्षेत्र में पांडवकालीन कई अति प्राचीन मंदिर स्थापित हैं। ऋषि, मुनियों ने भी तपस्या की है। आस्था और श्रद्धा का परिक्षेत्र होने के चलते जिले में विभिन्न स्थानों पर स्थापित मंदिरों में पूर्व में अष्टधातु की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। लेकिन अष्टधातु की मांग विदेशों में विशेषकर खाड़ी देशों में बढ़ने के चलते यह प्रतिमाएं चोरों के निशाने पर आ गई हैं। हुजूरपुर के कटका मंदिर, कैसरगंज के रामजानकी मंदिर, जैता बाजार के रामजानकी मंदिर, हुजूरपुर के भूपानी मंदिर, विशेश्वरगंज के लक्खारामपुर मंदिर, राजा गंगवल के राजघराने के मंदिर से पूर्व में अष्टधातु की बहुमूल्य प्रतिमाओं की चोरी हो चुकी हैं। लेकिन अब तक सिर्फ राजा गंगवल के राजघराने के मंदिर से चोरी हुई प्रतिमा का ही खुलासा हो सका है। पहला मौका है, जब चोरों ने पयागपुर में राजघराने के पत्थर शिवाला मंदिर से एक अरब 60 करोड़ मूल्य की चोरी की वारदात को जिले में अंजाम दिया है। इससे पुलिस महकमा भी सकते में आ गया है।
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