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ऑनर किलिंग में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
Bahraich
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:31 AM IST
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बहराइच। बहन के प्रेम प्रसंग होने के कारण उसके दो भाइयों ने उसे जिंदा जलाकर मार डाला था। ऑनर किलिंग के इस मामले में शनिवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन ने दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेश्वरगंज के एक गांव निवासी एक युवती के संबंध गांव निवासी अवधेश कुमार से थे। युवक विवाह करने को तैयार था लेकिन परिवार के लोग राजी नहीं थे। इसके बावजूद दोनों के संबंध बने रहे। युवती के परिवारीजनों ने 10 मई 1987 को दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद युवक को घर पर बंधक बनाकर मारापीटा और उससे कुकर्म किया। इसके बाद जानमाल की धमकी देते हुए छोड़ दिया। इसके बाद युवक मुंबई भाग गया। उधर, युवती के भाइयों त्रियुगनरायन और बद्री विशाल ने उसकी लाठियों से पिटाई की फिर बहन को जिंदा जला दिया। भाइयों ने विशेश्वरगंज थाने पहुंचकर बहन द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने की सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के हत्या की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर पुलिस अवधेश व अन्य लोगों के बयान पर त्रियुगीनरायन तथा बद्रीविशाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर विवेचना कर रही थी।
शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वशिष्ठ ने मामले की सुनवाई की। एडीजी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह ने बहस की। बचाव पक्ष की बात भी सुनी गई। तमाम सबूतों और गवाहों के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने दोनों भाइयों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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विशेश्वरगंज के एक गांव निवासी एक युवती के संबंध गांव निवासी अवधेश कुमार से थे। युवक विवाह करने को तैयार था लेकिन परिवार के लोग राजी नहीं थे। इसके बावजूद दोनों के संबंध बने रहे। युवती के परिवारीजनों ने 10 मई 1987 को दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद युवक को घर पर बंधक बनाकर मारापीटा और उससे कुकर्म किया। इसके बाद जानमाल की धमकी देते हुए छोड़ दिया। इसके बाद युवक मुंबई भाग गया। उधर, युवती के भाइयों त्रियुगनरायन और बद्री विशाल ने उसकी लाठियों से पिटाई की फिर बहन को जिंदा जला दिया। भाइयों ने विशेश्वरगंज थाने पहुंचकर बहन द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने की सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के हत्या की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर पुलिस अवधेश व अन्य लोगों के बयान पर त्रियुगीनरायन तथा बद्रीविशाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर विवेचना कर रही थी।
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शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वशिष्ठ ने मामले की सुनवाई की। एडीजी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह ने बहस की। बचाव पक्ष की बात भी सुनी गई। तमाम सबूतों और गवाहों के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने दोनों भाइयों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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