{"_id":"131-46789","slug":"Bahraich-46789-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहराइच लोकसभा क्षेत्र से फिर भाग्य आजमाएंगे शब्बीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहराइच लोकसभा क्षेत्र से फिर भाग्य आजमाएंगे शब्बीर
Bahraich
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। समाजवादी पार्टी ने बहराइच लोकसभा सीट से पूर्व में चुनाव में भाग्य आजमा चुके शब्बीर अहमद बाल्मीकि को फिर हरी झंडी दी है। शब्बीर चार बार चरदा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार फिर वह लोकसभा चुनाव में सपा के परचम तले भाग्य आजमाएंगे। मुकाबला कड़ा होने का आसार हैं लेकिन शब्बीर को हरी झंडी मिलने के बाद प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है।
लोकसभा चुनाव 2014 के लिए सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी है। बहराइच लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां पर 2009 के लोकसभा चुनाव में 12 वर्ष बाद कांग्रेस का खाता खुला था। कमल किशोर को बहराइच की जनता ने चुना था। बसपा के लालमणि प्रसाद दूसरे नंबर पर थे जबकि सपा के शब्बीर अहमद बाल्मीकि को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था। 2009 के चुनाव में शब्बीर की पराजय के बाद यह कयास लग रहे थे कि कांग्रेस और बसपा की तर्ज पर सपा भी इस बार गैर जनपद के प्रत्याशी को तरजीह देगी लेकिन शुक्रवार को जब सपा नेतृत्व ने शब्बीर अहमद बाल्मीकि के नाम को हरी झंडी दी तो जहां कुछ लोग भौचक रह गए। वहीं शब्बीर समर्थक खुशी से उछल पड़े लेकिन शब्बीर की राह इस बार भी आसान नहीं लग रही है क्योंकि बसपा ने गोंडा के डिक्सिर के पूर्व विधायक रमेश कुमार गौतम को पहले ही प्रत्याशी के रूप में जनता के सामने पेश किया है। अब भाजपा और कांग्रेस के पत्ते खुलने का इंतजार है। अन्य दो प्रतिद्वंद्वी दलों के प्रत्याशियों की तसवीर साफ होने के बाद प्रत्याशियों के दमखम का अंदाजा लग सकेगा। हालांकि राजनीतिक पंडित गुणा गणित में लग गए हैं।
लोगों का मानना है कि कांग्रेस एक बार फिर कमल किशोर पर दांव आजमा सकती है। वहीं भाजपा के अक्षयवरलाल गोंड भी दौड़ में माने जा रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो चतुष्कोणीय संघर्ष के आसार बन सकते हैं।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा से छीनी थी सीट
शब्बीर अहमद बाल्मीकि वर्ष 1991 में चरदा विधानसभा क्षेत्र से निर्दल लड़े थे लेकिन भाजपा के अक्षयवरलाल गोंड ने उन्हें हरा दिया था। हालांकि 1993 के उपचुनाव में शब्बीर ने भाजपा से सीट छीन ली थी।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 2014 के लिए सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी है। बहराइच लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां पर 2009 के लोकसभा चुनाव में 12 वर्ष बाद कांग्रेस का खाता खुला था। कमल किशोर को बहराइच की जनता ने चुना था। बसपा के लालमणि प्रसाद दूसरे नंबर पर थे जबकि सपा के शब्बीर अहमद बाल्मीकि को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था। 2009 के चुनाव में शब्बीर की पराजय के बाद यह कयास लग रहे थे कि कांग्रेस और बसपा की तर्ज पर सपा भी इस बार गैर जनपद के प्रत्याशी को तरजीह देगी लेकिन शुक्रवार को जब सपा नेतृत्व ने शब्बीर अहमद बाल्मीकि के नाम को हरी झंडी दी तो जहां कुछ लोग भौचक रह गए। वहीं शब्बीर समर्थक खुशी से उछल पड़े लेकिन शब्बीर की राह इस बार भी आसान नहीं लग रही है क्योंकि बसपा ने गोंडा के डिक्सिर के पूर्व विधायक रमेश कुमार गौतम को पहले ही प्रत्याशी के रूप में जनता के सामने पेश किया है। अब भाजपा और कांग्रेस के पत्ते खुलने का इंतजार है। अन्य दो प्रतिद्वंद्वी दलों के प्रत्याशियों की तसवीर साफ होने के बाद प्रत्याशियों के दमखम का अंदाजा लग सकेगा। हालांकि राजनीतिक पंडित गुणा गणित में लग गए हैं।
विज्ञापन
लोगों का मानना है कि कांग्रेस एक बार फिर कमल किशोर पर दांव आजमा सकती है। वहीं भाजपा के अक्षयवरलाल गोंड भी दौड़ में माने जा रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो चतुष्कोणीय संघर्ष के आसार बन सकते हैं।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा से छीनी थी सीट
शब्बीर अहमद बाल्मीकि वर्ष 1991 में चरदा विधानसभा क्षेत्र से निर्दल लड़े थे लेकिन भाजपा के अक्षयवरलाल गोंड ने उन्हें हरा दिया था। हालांकि 1993 के उपचुनाव में शब्बीर ने भाजपा से सीट छीन ली थी।