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मुर्तिहा रेंज में तेंदुए का शव मिला
Bahraich
Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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बहराइच। मुर्तिहा रेंज में एक तेंदुए का क्षत-विक्षत शव शनिवार को गश्त के दौरान वनकर्मियों को मिला। शव 15 दिन से अधिक पुराना बताया जा रहा है। वह पेड़ की शाखाओं के बीच में फंसा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि पेड़ से उतरते समय शाखा के बीच फंसकर तेंदुए की जान गई होगी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रेंज कार्यालय भेजा गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत बीट संख्या 18 के कक्ष संख्या आठ में शनिवार को वन रक्षक बब्बन मिश्रा सहयोगियों के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान रोहनी के पेड़ की शाखाओं के बीच एक तेंदुए का शव लटक रहा था। शव काफी सड़ चुका था, जिससे दुर्गंध उठ रही थी। वन रक्षक ने वन क्षेत्राधिकारी पीएन राय व प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह को सूचना दी। अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के बाद शव को पेड़ की शाखा के बीच से निकालकर रेंज कार्यालय पहुंचाया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह का कहना है कि शायद पेड़ से उतरते समय संतुलन बिगड़ने से तेंदुआ दो शाखाओं के बीच फंस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई होगी। डीएफओ ने कहा कि शव 15 दिन पुराना लग रहा है, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। शव इतना सड़ा हुआ है कि तेंदुआ नर है या मादा, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि खाल व पूंछ के आधार पर तेंदुए की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीन सदस्यीय टीम करेगी पोस्टमार्टम
डीएफओ आरके सिंह ने कहा कि तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय पर सुरक्षित रखा गया है। तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम सुबह पोस्टमार्टम करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि तेंदुए की मौत का कारण क्या है? उसकी उम्र और अन्य जानकारियां भी मिल सकेंगी।
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नेपाल के शिकारियों की करतूत तो नहीं!
मुर्तिहा रेंज के बीट संख्या 18 में जहां तेंदुए का शव मिला है, वहां से नेपाल की सीमा महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में यह आशंका भी प्रबल हो रही है कि कहीं नेपाली शिकारियों ने तो तेंदुए का शिकार नहीं किया है। हालांकि, वनाधिकारी शिकार की बात से इनकार कर रहे हैं। डीएफओ आरके सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत बीट संख्या 18 के कक्ष संख्या आठ में शनिवार को वन रक्षक बब्बन मिश्रा सहयोगियों के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान रोहनी के पेड़ की शाखाओं के बीच एक तेंदुए का शव लटक रहा था। शव काफी सड़ चुका था, जिससे दुर्गंध उठ रही थी। वन रक्षक ने वन क्षेत्राधिकारी पीएन राय व प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह को सूचना दी। अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी के बाद शव को पेड़ की शाखा के बीच से निकालकर रेंज कार्यालय पहुंचाया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह का कहना है कि शायद पेड़ से उतरते समय संतुलन बिगड़ने से तेंदुआ दो शाखाओं के बीच फंस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई होगी। डीएफओ ने कहा कि शव 15 दिन पुराना लग रहा है, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। शव इतना सड़ा हुआ है कि तेंदुआ नर है या मादा, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि खाल व पूंछ के आधार पर तेंदुए की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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तीन सदस्यीय टीम करेगी पोस्टमार्टम
डीएफओ आरके सिंह ने कहा कि तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय पर सुरक्षित रखा गया है। तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम सुबह पोस्टमार्टम करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि तेंदुए की मौत का कारण क्या है? उसकी उम्र और अन्य जानकारियां भी मिल सकेंगी।
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नेपाल के शिकारियों की करतूत तो नहीं!
मुर्तिहा रेंज के बीट संख्या 18 में जहां तेंदुए का शव मिला है, वहां से नेपाल की सीमा महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में यह आशंका भी प्रबल हो रही है कि कहीं नेपाली शिकारियों ने तो तेंदुए का शिकार नहीं किया है। हालांकि, वनाधिकारी शिकार की बात से इनकार कर रहे हैं। डीएफओ आरके सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।