{"_id":"40862","slug":"Bahraich-40862-131","type":"story","status":"publish","title_hn":"महसी और कैसरगंज में फिर बाढ़ की नौबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महसी और कैसरगंज में फिर बाढ़ की नौबत
Bahraich
Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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बहराइच/जरवलरोड। घाघरा नदी में अलग-अलग बैराजों से 2.98 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ दिया गया है। महसी और कैसरगंज में सैलाब की नौबत बन गई है। उफनाई घाघरा लाल निशान छूने को बेताब है। कटान तेज हो गई है। महसी के अरनवाखास गांव में 31 आशियाने नदी में समाहित हुए हैं। वहीं, कैसरगंज तहसील के दो गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। तेज कटान से 360 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समा गई है।
तराई में रात से रुक-रुक कर हो रही वर्षा और चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी, बनबसा व गोपिया बैराज से मंगलवार को घाघरा में छोड़े गए 2.98 लाख क्यूसेक पानी से घाघरा फिर उफनाने लगी है। एल्गिन ब्रिज पर नदी 105.900 मीटर पर पहुंच गई है। यहां नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ही दूर रह गई है। वहीं, बौंडी में घाघरा का जलस्तर 111.950 मीटर है। बौंडी में नदी खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान में भी इजाफा हो रहा है। महसी तहसील के अरनवा खास गांव को नदी की लहरें लीलने को बेताब दिख रही हैं। सोमवार रात से शनिवार देर शाम तक कटान के चलते गांव निवासी जयनरायन सिंह, बृजेश, दिनेश, रमेश, रामपाल, जुमई, राधे, करवारी, दिनेश, मदन, किशोरी, पुतई, फिरोज, बृजलाल, सुनीता, अर्कित, छोटे समेत 31 लोगों के मकान नदी में समाहित हो गए थे। यहां लगभग सवा दो सौ बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। उधर, कैसरगंज तहसील के विकासखंड जरवल अंतर्गत बहरइचीपुरवा और ढपालीपुरवा गांव नदी के मुहाने पर आ गए हैं। बहरइचीपुरवा के निकट स्थित मसजिद के निकट नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं। इन दोनों गांवों के बीच लगभग 140 बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गए हैं। ग्रामीण अंचलों के रास्तों पर फिर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। अगर नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो बुधवार तक फिर से बाढ़ की नौबत आ जाएगी। हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।
24 घंटे में दे देंगे मुआवजा, पीएसी अलर्ट
उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने स्वीकार किया कि नदी की कटान से 31 आशियाने अरनवा खास गांव के नदी में समाहित हुए हैं। एसडीएम ने कहा कि सूची मिल गई है। चेक बनवाए जा रहे हैं। सभी कटान पीड़ितों को 24 घंटे अहेतुक सहायता राशि मुहैया करा देंगे। एसडीएम ने कहा कि बढ़ रहे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। पीएसी को अलर्ट कर दिया गया है।
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नवनिर्मित स्पर से नहीं टला संकट
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए किलोमीटर संख्या 62 से 64 के मध्य नवनिर्मित स्पर नंबर दो व तीन के बीच घाघरा की लहरें निरंतर कटान कर रही हैं। इस कारण दोनों स्पर पर तो संकट मंडरा ही रहा है, तटबंध के लिए भी निरंतर खतरा बना हुआ है। अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि नदी के उफनाने से पानी फिर चारों ओर फैल गया है, जिससे स्पर पर कटान मामूली हो रही है। बालू की बोरियां डालकर कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ हद तक सफलता भी हासिल हुई है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि घाघरा में छोड़े गए पानी के मद्देनजर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है।
घाघरा रात में पार हो जाएगी लाल निशान
बहराइच। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक ओमकार सोनी ने बताया कि घाघरा नदी के जलस्तर का पूर्वानुमान मिला है। उसके तहत नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए रात में एल्गिन ब्रिज पर लाल निशान पार कर 106.200 पर पहुंच जाएगी।
अरनवा-खरखट्टनपुरवा मार्ग कटा
महसी तहसील के बांसगढ़ी के निकट कटान निरंतर बढ़ रही है। नदी ने मंगलवार को रिकॉर्ड 300 मीटर कटान की है। तेज कटान के चलते देर शाम अरनवा-खरखट्टनपुरवा मार्ग कट गया। चौबे चौराहा नदी में समाहित हो गया है। जिसके चलते खरखट्टनपुरवा और बांसगढ़ी नईबस्ती के लोगों का आवागमन का मार्ग कट गया है। गांव में लोग फंसे हुए हैं। उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने कहा कि सूचना मिली है। फ्लड पीएसी के जवानों को बचाव कार्य में लगाया जा रहा है।
पुरैनी मार्ग पर फिर चलने लगा पानी
घाघरा की उफान के चलते जरवल का पुरैनी जरवल मार्ग फिर बाढ़ के पानी में डूबने लगा है। मार्ग पर पानी आ जाने से अफरा-तफरी मच गई है। लोग सामान समेटकर पलायन कर रहे हैं। किसी भी क्षण बाढ़ दस्तक दे सकती है।
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए 428 परिवार
अपर जिलाधिकारी यूएन सिंह ने बताया कि घाघरा की तेज कटान के चलते 24 घंटे में 23 मकान व 15 झोपड़े नदी में समाहित हुए हैं। 428 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कटान पीड़ितों को गृह अनुदान के चेक का निरंतर वितरण किया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।
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तराई में रात से रुक-रुक कर हो रही वर्षा और चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी, बनबसा व गोपिया बैराज से मंगलवार को घाघरा में छोड़े गए 2.98 लाख क्यूसेक पानी से घाघरा फिर उफनाने लगी है। एल्गिन ब्रिज पर नदी 105.900 मीटर पर पहुंच गई है। यहां नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ही दूर रह गई है। वहीं, बौंडी में घाघरा का जलस्तर 111.950 मीटर है। बौंडी में नदी खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान में भी इजाफा हो रहा है। महसी तहसील के अरनवा खास गांव को नदी की लहरें लीलने को बेताब दिख रही हैं। सोमवार रात से शनिवार देर शाम तक कटान के चलते गांव निवासी जयनरायन सिंह, बृजेश, दिनेश, रमेश, रामपाल, जुमई, राधे, करवारी, दिनेश, मदन, किशोरी, पुतई, फिरोज, बृजलाल, सुनीता, अर्कित, छोटे समेत 31 लोगों के मकान नदी में समाहित हो गए थे। यहां लगभग सवा दो सौ बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। उधर, कैसरगंज तहसील के विकासखंड जरवल अंतर्गत बहरइचीपुरवा और ढपालीपुरवा गांव नदी के मुहाने पर आ गए हैं। बहरइचीपुरवा के निकट स्थित मसजिद के निकट नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं। इन दोनों गांवों के बीच लगभग 140 बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गए हैं। ग्रामीण अंचलों के रास्तों पर फिर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। अगर नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो बुधवार तक फिर से बाढ़ की नौबत आ जाएगी। हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।
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24 घंटे में दे देंगे मुआवजा, पीएसी अलर्ट
उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने स्वीकार किया कि नदी की कटान से 31 आशियाने अरनवा खास गांव के नदी में समाहित हुए हैं। एसडीएम ने कहा कि सूची मिल गई है। चेक बनवाए जा रहे हैं। सभी कटान पीड़ितों को 24 घंटे अहेतुक सहायता राशि मुहैया करा देंगे। एसडीएम ने कहा कि बढ़ रहे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। पीएसी को अलर्ट कर दिया गया है।
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नवनिर्मित स्पर से नहीं टला संकट
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए किलोमीटर संख्या 62 से 64 के मध्य नवनिर्मित स्पर नंबर दो व तीन के बीच घाघरा की लहरें निरंतर कटान कर रही हैं। इस कारण दोनों स्पर पर तो संकट मंडरा ही रहा है, तटबंध के लिए भी निरंतर खतरा बना हुआ है। अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि नदी के उफनाने से पानी फिर चारों ओर फैल गया है, जिससे स्पर पर कटान मामूली हो रही है। बालू की बोरियां डालकर कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ हद तक सफलता भी हासिल हुई है। अधिशासी अभियंता ने कहा कि घाघरा में छोड़े गए पानी के मद्देनजर अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है।
घाघरा रात में पार हो जाएगी लाल निशान
बहराइच। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक ओमकार सोनी ने बताया कि घाघरा नदी के जलस्तर का पूर्वानुमान मिला है। उसके तहत नदी दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए रात में एल्गिन ब्रिज पर लाल निशान पार कर 106.200 पर पहुंच जाएगी।
अरनवा-खरखट्टनपुरवा मार्ग कटा
महसी तहसील के बांसगढ़ी के निकट कटान निरंतर बढ़ रही है। नदी ने मंगलवार को रिकॉर्ड 300 मीटर कटान की है। तेज कटान के चलते देर शाम अरनवा-खरखट्टनपुरवा मार्ग कट गया। चौबे चौराहा नदी में समाहित हो गया है। जिसके चलते खरखट्टनपुरवा और बांसगढ़ी नईबस्ती के लोगों का आवागमन का मार्ग कट गया है। गांव में लोग फंसे हुए हैं। उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी ने कहा कि सूचना मिली है। फ्लड पीएसी के जवानों को बचाव कार्य में लगाया जा रहा है।
पुरैनी मार्ग पर फिर चलने लगा पानी
घाघरा की उफान के चलते जरवल का पुरैनी जरवल मार्ग फिर बाढ़ के पानी में डूबने लगा है। मार्ग पर पानी आ जाने से अफरा-तफरी मच गई है। लोग सामान समेटकर पलायन कर रहे हैं। किसी भी क्षण बाढ़ दस्तक दे सकती है।
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए 428 परिवार
अपर जिलाधिकारी यूएन सिंह ने बताया कि घाघरा की तेज कटान के चलते 24 घंटे में 23 मकान व 15 झोपड़े नदी में समाहित हुए हैं। 428 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कटान पीड़ितों को गृह अनुदान के चेक का निरंतर वितरण किया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि अभी बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है।