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नौ गांव घाघरा से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 12 Aug 2015 09:40 PM IST
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बहराइच/राजीचौराहा। घाघरा नदी तबाही मचाने को बेताब दिख रही है। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा फिर से उफना गई है।
महसी तहसील क्षेत्र के नौ गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं। घाघरा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से निरंतर बढ़ रहा है, जिस कारण तटवर्ती इलाकों में अफरा तफरी मची है।
ग्रामीण अपनी संपत्ति समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब तक राहत और बचाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि इस समय नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 106.186 मीटर पर पहुंच गया है।
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यहां नदी खतरे के निशान से 13.6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से जलस्तर में निरंतर इजाफा हो रहा है।
इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बसे पहाड़नपुरवा, मेंथौरनपुरवा, गोलागंज टेपरी, नगेसरपुरवा, जमापुर, कायमपुर, पिपरा, पिपरी समेत नौ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
कायमपुर और जरमापुर मार्ग पर निरंतर घाघरा का पानी बह रहा है। वहीं, पिपरी का प्राथमिक विद्यालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है।
कायमपुर और जरमापुर गांव में लोग चारपाई पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। खेतों में लगी फसलें भी डूब गई हैं। पिपरी गांव के निकट उफनाई घाघरा का पानी तटबंध तक पहुंच गया है, इससे लोगों में हड़कंप मचा है।
अभी चिंता की बात नहीं : एसडीएम
उपजिलाधिकारी महसी चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन जो निचले इलाके हैं, वहीं पर जलभराव की स्थिति बन रही है। उस पर नजर रखने के लिए राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। जो लोग गांव छोड़ रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों को समस्या नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ से निपटने के लिए संसाधन मुहैया हैं।
चार घर भी कटे
बाढ़ के साथ घाघरा नदी की लहरें कटान भी कर रहे हैं। तटबंध के उस पार बसे गोलागंज टेपरी गांव निवासी अमरनाथ सिंह, जनकराज सिंह, कृष्णावती, दिनेश सिंह के मकान कटान के चलते नदी में समाहित हो गए हैं। वहीं गुड्डू सिंह के मकान पर लहरें थपेड़े ले रही है।
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महसी तहसील क्षेत्र के नौ गांव घाघरा के पानी से घिर गए हैं। घाघरा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से निरंतर बढ़ रहा है, जिस कारण तटवर्ती इलाकों में अफरा तफरी मची है।
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ग्रामीण अपनी संपत्ति समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। अब तक राहत और बचाव का इंतजाम नहीं किया गया है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि इस समय नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर 106.186 मीटर पर पहुंच गया है।
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यहां नदी खतरे के निशान से 13.6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से जलस्तर में निरंतर इजाफा हो रहा है।
इसके चलते महसी तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में बसे पहाड़नपुरवा, मेंथौरनपुरवा, गोलागंज टेपरी, नगेसरपुरवा, जमापुर, कायमपुर, पिपरा, पिपरी समेत नौ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
कायमपुर और जरमापुर मार्ग पर निरंतर घाघरा का पानी बह रहा है। वहीं, पिपरी का प्राथमिक विद्यालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है।
कायमपुर और जरमापुर गांव में लोग चारपाई पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। खेतों में लगी फसलें भी डूब गई हैं। पिपरी गांव के निकट उफनाई घाघरा का पानी तटबंध तक पहुंच गया है, इससे लोगों में हड़कंप मचा है।
अभी चिंता की बात नहीं : एसडीएम
उपजिलाधिकारी महसी चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन जो निचले इलाके हैं, वहीं पर जलभराव की स्थिति बन रही है। उस पर नजर रखने के लिए राजस्वकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। जो लोग गांव छोड़ रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों को समस्या नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ से निपटने के लिए संसाधन मुहैया हैं।
चार घर भी कटे
बाढ़ के साथ घाघरा नदी की लहरें कटान भी कर रहे हैं। तटबंध के उस पार बसे गोलागंज टेपरी गांव निवासी अमरनाथ सिंह, जनकराज सिंह, कृष्णावती, दिनेश सिंह के मकान कटान के चलते नदी में समाहित हो गए हैं। वहीं गुड्डू सिंह के मकान पर लहरें थपेड़े ले रही है।