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43 मकान बर्बाद, तीन लोग झुलसे
अमर उजाला/बहराइच
Updated Mon, 10 Apr 2017 10:21 PM IST
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अाग लगने से जले मकान
- फोटो : अमर उजाला
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तराई में आग की लपटों का कहर शुरू हो गया है। सोमवार को अज्ञात कारणों से लगी आग से धनराजपुर और झाला गांव धधक उठा, जिससे 43 मकान जल गए। 55 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इस दौरान घर से सामान निकालने के चक्कर में महिला समेत तीन लोग झुलस गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अग्निकांड में 380 लोग बेघर हो गए। राजस्वकर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है।
जरवलरोड थाना क्षेत्र के धनराजपुर गांव के पास स्थित जिला पंचायत की जमीन पर बहरामपुर, नियामतपुर, अहाता और रेतीहाता गांव के बाढ़ व कटान पीड़ित बसे हुए हैं। वे सभी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। कुछ ग्रामीणों ने कच्चे मकान भी बना लिए हैं। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीण घर में मौजूद थे। इसी दौरान गांव निवासी धर्मराज निषाद का मकान आग से धधक उठा। परिवारीजनों ने चीख पुकार मचाई।
गांव के लोग दौड़े, लेकिन चल रही तेज पछुवा हवा से आग तेजी से फैली और इसकी चपेट में आकर पड़ोसी राममिलन, रामदास, देशराज, ओमप्रकाश, अशोक, जगदीश, विद्याराम, राजेश, ध्रुप, पुन्नवासी, शेरू, गुड्डू, जयप्रकाश, कैलाश, ननकू, रामफेर, राजित, सुरेश, केशवराम, बृजेश, अजय, योगेंद्र, रामकली, माताप्रसाद समेत 35 ग्रामीणों के मकान धधक उठे। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
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इस दौरान घर से सामान निकालने के प्रयास में धर्मराज झुलस गया। सूचना पाकर राजस्व निरीक्षक गिरधारीलाल, उपनिरीक्षक शिवकुमार पाठक, लेखपाल राकेश नाग आदि ने पहुंचकर मुआयना किया है। 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, मिहींपुरवा विकास खंड के झाला अचाकापुरवा गांव में हुए अग्निकांड में रमेश, संतराम, ढोढ़े पुत्र पंचम, ओमप्रकाश, दयाशंकर, सुरेश, रोजश, छेद्दू, हरीराम, सुमिरन के मकान जल गए।
आग से संतराम की दो गाय जिंदा जल गईं। जबकि एक बछड़ा समेत दो मवेशी झुलस गए। वहीं आग बुझाने व सामान निकालने के प्रयास में प्रेमकुमारी समेत दो लोग झुलस गए। प्रेमकुमारी की हालत गंभीर होने के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मोतीपुर के तहसीलदार रुमित सिंह ने बताया कि सूचना पर राजस्व निरीक्षक पवनसुत, लेखपाल रामप्रसाद, चौकी इंचार्ज उदयभान यादव यादव को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिल गई है। जल्द ही सभी को मुआवजा दिया जाएगा।
आग की लपटों ने सोमवार को ग्रामीणों के अरमानों को भी जला दिया। धनराजपुर निवासी धर्मराज निषाद की बेटी रूबी का विवाह 28 अप्रैल को होना है। सारी तैयारियां हो चुकी थीं। घर में 40 हजार रुपये व दहेज का सामान रखा था। सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। वहीं झाला अचाकपुर निवासी ढोढ़े की पुत्री सोनम और कोयली का विवाह अगले सप्ताह में होना तय था। यहां भी बेटियों की शादी के लिए सारी तैयारियां हो चुकी थीं। सामान घर में रखा था। लेकिन आग से सभी कुछ जल गया।
फखरपुर/मटेराचौराहा। सामान के साथ खेतों में भी आग की लपटों ने कहर बरपाया। फखरपुर के शिवराजपुर गांव के निकट गेहूं के खेत में आग लगने से गांव निवासी अयाज बेग, अमीन, अतीक, लईक, भोले, असलम की 20 बीघा फसल आग की भेंट चढ़ गई। वहीं कोतवाली नानपारा अंतर्गत अमरइया गांव निवासी पहलवान के खेत में गेहूं की फसल में लगी आग से पांच बीघा गेहूं की फसल जल गई। पहलवान के चीख पुकार पर दौड़े ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर किसी तरह आग को फैलने से रोका।
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जरवलरोड थाना क्षेत्र के धनराजपुर गांव के पास स्थित जिला पंचायत की जमीन पर बहरामपुर, नियामतपुर, अहाता और रेतीहाता गांव के बाढ़ व कटान पीड़ित बसे हुए हैं। वे सभी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। कुछ ग्रामीणों ने कच्चे मकान भी बना लिए हैं। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीण घर में मौजूद थे। इसी दौरान गांव निवासी धर्मराज निषाद का मकान आग से धधक उठा। परिवारीजनों ने चीख पुकार मचाई।
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गांव के लोग दौड़े, लेकिन चल रही तेज पछुवा हवा से आग तेजी से फैली और इसकी चपेट में आकर पड़ोसी राममिलन, रामदास, देशराज, ओमप्रकाश, अशोक, जगदीश, विद्याराम, राजेश, ध्रुप, पुन्नवासी, शेरू, गुड्डू, जयप्रकाश, कैलाश, ननकू, रामफेर, राजित, सुरेश, केशवराम, बृजेश, अजय, योगेंद्र, रामकली, माताप्रसाद समेत 35 ग्रामीणों के मकान धधक उठे। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
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इस दौरान घर से सामान निकालने के प्रयास में धर्मराज झुलस गया। सूचना पाकर राजस्व निरीक्षक गिरधारीलाल, उपनिरीक्षक शिवकुमार पाठक, लेखपाल राकेश नाग आदि ने पहुंचकर मुआयना किया है। 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, मिहींपुरवा विकास खंड के झाला अचाकापुरवा गांव में हुए अग्निकांड में रमेश, संतराम, ढोढ़े पुत्र पंचम, ओमप्रकाश, दयाशंकर, सुरेश, रोजश, छेद्दू, हरीराम, सुमिरन के मकान जल गए।
आग से संतराम की दो गाय जिंदा जल गईं। जबकि एक बछड़ा समेत दो मवेशी झुलस गए। वहीं आग बुझाने व सामान निकालने के प्रयास में प्रेमकुमारी समेत दो लोग झुलस गए। प्रेमकुमारी की हालत गंभीर होने के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मोतीपुर के तहसीलदार रुमित सिंह ने बताया कि सूचना पर राजस्व निरीक्षक पवनसुत, लेखपाल रामप्रसाद, चौकी इंचार्ज उदयभान यादव यादव को मौके पर भेजा गया है। रिपोर्ट मिल गई है। जल्द ही सभी को मुआवजा दिया जाएगा।
आग की लपटों ने सोमवार को ग्रामीणों के अरमानों को भी जला दिया। धनराजपुर निवासी धर्मराज निषाद की बेटी रूबी का विवाह 28 अप्रैल को होना है। सारी तैयारियां हो चुकी थीं। घर में 40 हजार रुपये व दहेज का सामान रखा था। सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। वहीं झाला अचाकपुर निवासी ढोढ़े की पुत्री सोनम और कोयली का विवाह अगले सप्ताह में होना तय था। यहां भी बेटियों की शादी के लिए सारी तैयारियां हो चुकी थीं। सामान घर में रखा था। लेकिन आग से सभी कुछ जल गया।
फखरपुर/मटेराचौराहा। सामान के साथ खेतों में भी आग की लपटों ने कहर बरपाया। फखरपुर के शिवराजपुर गांव के निकट गेहूं के खेत में आग लगने से गांव निवासी अयाज बेग, अमीन, अतीक, लईक, भोले, असलम की 20 बीघा फसल आग की भेंट चढ़ गई। वहीं कोतवाली नानपारा अंतर्गत अमरइया गांव निवासी पहलवान के खेत में गेहूं की फसल में लगी आग से पांच बीघा गेहूं की फसल जल गई। पहलवान के चीख पुकार पर दौड़े ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर किसी तरह आग को फैलने से रोका।