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नेपाली हाथियों का उत्पात
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:48 AM IST
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बिछिया (बहराइच)। नेपाल के रायल वर्दियानेशनल पार्क से भटक कर आए हाथियों ने मंगलवार भोर आंबा गांव के पास किसानों के धान व गन्नेे के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। किसानों की 30 बीघा फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया।
बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के हांका लगाने पर तीन घंटे घंटे बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर गया। सूचना रेंज कार्यालय दी गई है। लेकिन मौके पर कोई भी वनकर्मी नहीं पहुंचा है। घटना से गांव के लोग दहशत में हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के जंगल में नेपाल के हाथियों का झुंड मंगलवार भोर में चार बजे के आसपास ग्राम आंबा के निकट पहुंच गया।
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गांव के लोगों ने हाथियों की चिंघाड़ सुनी तो ढोल व पीपा पीटते हुए सभी घरों से निकल आए। ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया।
लेकिन हाथियों ने गांव निवासी मुजफ्फर, वसीम, कांशीरम आदि की 30 बीघा धान, गन्ने की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया है।
ग्रामीणों के शोर के बावजूद तीन घंटे तक हाथी खेत में जमा रहे। सुबह होने पर हाथियों का झुंड घने जंगल की ओर चला गया। गनीमत रही कि हाथियों ने गांव की ओर रुख नहीं किया।
तत्काल गांव के लोगों ने रेंज कार्यालय पर सूचना दी। लेकिन कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। अचानक हुए हाथियों के हमले से गांव के लोग सुरक्षा को लेकर खौफजदा हैं।
रेंजर पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों के खेत का मुआयना करवाया जाएगा।
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बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के हांका लगाने पर तीन घंटे घंटे बाद हाथियों का झुंड जंगल की ओर गया। सूचना रेंज कार्यालय दी गई है। लेकिन मौके पर कोई भी वनकर्मी नहीं पहुंचा है। घटना से गांव के लोग दहशत में हैं।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के जंगल में नेपाल के हाथियों का झुंड मंगलवार भोर में चार बजे के आसपास ग्राम आंबा के निकट पहुंच गया।
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गांव के लोगों ने हाथियों की चिंघाड़ सुनी तो ढोल व पीपा पीटते हुए सभी घरों से निकल आए। ग्रामीणों ने हांका लगाना शुरू किया।
लेकिन हाथियों ने गांव निवासी मुजफ्फर, वसीम, कांशीरम आदि की 30 बीघा धान, गन्ने की फसल को रौंदकर तहस-नहस कर दिया है।
ग्रामीणों के शोर के बावजूद तीन घंटे तक हाथी खेत में जमा रहे। सुबह होने पर हाथियों का झुंड घने जंगल की ओर चला गया। गनीमत रही कि हाथियों ने गांव की ओर रुख नहीं किया।
तत्काल गांव के लोगों ने रेंज कार्यालय पर सूचना दी। लेकिन कोई भी वन कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। अचानक हुए हाथियों के हमले से गांव के लोग सुरक्षा को लेकर खौफजदा हैं।
रेंजर पियूष श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी नहीं थी। ग्रामीणों के खेत का मुआयना करवाया जाएगा।