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मेडीजोन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:16 PM IST
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बहराइच। शहर के एक निजी हॉस्पिटल के चिकित्सकों की लापरवाही से एक महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान तौलिया छूट गया था। इस मामले में निजी अस्पताल को दो दिन पूर्व सीज कर दिया गया था। अब अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। जांच अधिकारी सीआरओ ने केस दर्ज करवाकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बलरामपुर जिले के श्रीनगर कटुआ शिवपुरा गांव निवासी मीरादेवी (30) को माह भर पूर्व प्रसव पीड़ा के दौरान शहर के अस्पताल रोड पर संचालित मेडीजोन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां पर डाक्टरों ने लापरवाही से आपरेशन करते हुए महिला के पेट में तौलिया छोड़ दिया था।
बहराइच से लखनऊ तक माह भर भटकने के बाद महिला का पुन: आपरेशन जिले की महिला रोग विशेषज्ञ डा. सुषमा मिश्रा ने वरिष्ठ सर्जन डा. आरडी मिश्रा के सहयोग से किया। तब महिला की जान बच सकी। इस मामले का खुलासा अमर उजाला की ओर से 9 जुलाई के अंक में प्रमुखता से किया गया था।
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पीड़ित महिला के पति वंशीराम ने डीएम और सीएमओ के सामने हाजिर होकर पीड़ा बयां की थी। डीएम ने मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार को सौंपी। सीआरओ ने बताया कि जांच में मेडीजोन अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही उजागर होने पर मौके पर ही अस्पताल सीज कर दिया गया था।
अब संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जांच अधिकारी सीआरओ ने बताया कि में मेडीजोन हास्पिटल के मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी। अस्पताल का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।
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बलरामपुर जिले के श्रीनगर कटुआ शिवपुरा गांव निवासी मीरादेवी (30) को माह भर पूर्व प्रसव पीड़ा के दौरान शहर के अस्पताल रोड पर संचालित मेडीजोन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। यहां पर डाक्टरों ने लापरवाही से आपरेशन करते हुए महिला के पेट में तौलिया छोड़ दिया था।
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बहराइच से लखनऊ तक माह भर भटकने के बाद महिला का पुन: आपरेशन जिले की महिला रोग विशेषज्ञ डा. सुषमा मिश्रा ने वरिष्ठ सर्जन डा. आरडी मिश्रा के सहयोग से किया। तब महिला की जान बच सकी। इस मामले का खुलासा अमर उजाला की ओर से 9 जुलाई के अंक में प्रमुखता से किया गया था।
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पीड़ित महिला के पति वंशीराम ने डीएम और सीएमओ के सामने हाजिर होकर पीड़ा बयां की थी। डीएम ने मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार को सौंपी। सीआरओ ने बताया कि जांच में मेडीजोन अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही उजागर होने पर मौके पर ही अस्पताल सीज कर दिया गया था।
अब संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जांच अधिकारी सीआरओ ने बताया कि में मेडीजोन हास्पिटल के मामले में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी। अस्पताल का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।